सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ के संयोजन में प्रथम गुप्त नवरात्रि और रथयात्रा के पावन अवसर पर 200 से अधिक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में ‘इको फ्रेंडली गणपति क्लब’ की स्थापना की गई। क्लब का उद्देश्य वर्ष 2026 के गणपति महोत्सव को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल रूप से आयोजित करना है।

क्लब के मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस क्लब का गठन किया गया है। महोत्सव के सुचारू संचालन के लिए डॉ. एमएल अग्रवाल को क्लब का प्रथम अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उनके दिशा-निर्देशन में वर्ष 2026 के गणपति महोत्सव से जुड़े सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अभियान को मजबूती देने के लिए प्रतिष्ठित संरक्षक मंडल का भी गठन किया गया है। इसमें समाजसेवी संदीप अग्रवाल चांदीवाला, संजय गोयल, आरएल विजय, मयंक अग्रवाल, पंकज गोयल, अनिल खंडेलवाल और दिनेश कुमार बंसल को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नव-नियुक्त अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल और संरक्षक मंडल का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती महाराज और कुलम शक्ति पीठ से माता नीति अंबाजी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी विभाग संघचालक पन्नालाल ताराचंद गोयल, गोविंद राम मित्तल, जीडी पटेल, प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता, मोहन प्रकाश शर्मा और पूर्व जिला जज जयपुर एसके जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनका अभिनंदन महासंघ सदस्य अनिल कुमार शर्मा, बसंत भरावा, हेमंत सिंह, कमल सिंह सोलंकी, धर्मपाल सिंह, महावीर जैन, जितेंद्र जैन, बृजनंदन गौतम, नरेंद्र सिंह जादौन, अरविंद सिसोदिया और पी गुप्ता द्वारा किया गया।

क्लब की ओर से प्रथम इको फ्रेंडली प्रतिमा के रूप में सिद्धि दायक संत स्वरूप ‘श्री चंदन गणेश’ की 7 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। इस प्रतिमा को गुरु धाम कॉलोनी में स्थापित किया जाएगा। प्रतिमा का निर्माण 240 किलो शुद्ध मिट्टी से किया गया है, जिस पर 15 किलो औषधीय चंदन पाउडर का विशेष लेप लगाया गया है।

प्रतिमा के श्रृंगार में केवल प्राकृतिक रंगों जैसे केसर, कुमकुम, काजल, सिंदूर और चूने का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही 1200 रुद्राक्ष की मालाओं से प्रतिमा को संत स्वरूप प्रदान किया गया है। भगवान गणेश के बाएं हाथ में जल का पात्र और दूसरे हाथ में ध्वज दर्शाया गया है, जिसके माध्यम से समाज को “स्वस्थ जीवन का आधार, शुद्ध जल, पहला सुख निरोगी काया” का संदेश दिया गया है।

क्लब के प्रथम संबोधन में अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के विसर्जन से जलीय जीवों को भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि श्री चंदन गणेश की प्रतिमा पर लगा चंदन पाउडर विसर्जन के बाद पानी में घुलकर जलीय जीवों की त्वचा को औषधीय आराम और सुकून प्रदान करेगा।

डॉ. अग्रवाल ने घोषणा की कि क्लब की ओर से आम नागरिकों को 1008 छोटी और 51 बड़ी इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं निर्धारित समय पर निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही इस वर्ष इको फ्रेंडली गणपति स्थापित करने वाले 21 संगठनों को प्रत्येक संगठन को ₹5100 की राशि प्रोत्साहन स्वरूप नगद पुरस्कार के रूप में भेंट की जाएगी।

संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी रावण सरकार’ ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ कथक नृत्यांगना नेहा पांचाल समूह द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद प्रख्यात गायक किशन मुद्गल ने पानी पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी, जबकि लोक कलाकार बंटी सुल्तानपुरी ने ‘जादू जलचरी’ के करतब के माध्यम से जल शुद्धता का संदेश दिया।

प्रख्यात पंडित प्रदीप जोशी एवं वैभव जोशी समूह द्वारा गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती की गई। इसके बाद भगवान को सवामण लड्डू-बाटी-चूरमा का भोग लगाया गया। कर्मयोगी ने बताया कि आमजन को इस मुहिम से जोड़ने के लिए 45 दिवसीय जन जागृति अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के लिए दो विशेष प्रचार रथ तैयार किए गए हैं, जिन्हें 25 जुलाई को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संचालन अनिल कारा द्वारा किया गया। इको फ्रेंडली गणपति क्लब की यह पहल वर्ष 2026 के गणपति महोत्सव को पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई है।

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