डीएपी-यूरिया खाद की किल्लत पर किसान महासभा ने सरकार से उत्पादन बढ़ाने की मांग की
रबी फसलों की बुआई के बीच डीएपी-यूरिया खाद की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के अध्यक्ष मनोज दुबे ने जेपी नड्डा को ज्ञापन भेजा और उत्पादन व स्टॉक बढ़ाने की मांग की।

तस्वीर में भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे पीले रंग की पगड़ी और फूलों की माला पहने हुए नजर आ रहे हैं।
कोटा, 26 सितंबर। रबी फसलों की बुआई के सीजन में डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत का मुद्दा फिर सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को ज्ञापन भेजकर डीएपी-यूरिया खाद का उत्पादन बढ़ाने की मांग की है।
मनोज दुबे ने कहा कि देश का अन्नदाता आज यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत से परेशान है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता विकसित खेती से होकर जाता है। किसान मजबूत होंगे तो गांव मजबूत होंगे और गांव मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा। विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए डीएपी-यूरिया खाद का उत्पादन बढ़ाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि रबी फसलों की बुआई का सीजन है और हमेशा की तरह फिर से पूरे देश में डीएपी खाद का संकट पैदा हो गया है। रबी हो या खरीफ, खाद की किल्लत अब आम हो गई है। किसान अपने खेतों में काम छोड़कर खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं और जगह-जगह आंदोलन करने को मजबूर हैं। डीएपी खाद की किल्लत से किसान दुखी और परेशान हैं।
मनोज दुबे ने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने में भाजपा सरकार पूर्ण रूप से विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में हर सीजन में खाद संकट के चलते किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उनके अनुसार भाजपा सरकार पिछले 12 साल के शासन में यह अंदाजा भी नहीं लगा सकी कि देश में कुल कितनी खाद की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि फसलों के उचित दाम हों या खाद-बीज की उपलब्धता और बिजली उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे, भाजपा सरकार खुद किसानों के लिए बड़ा संकट बन चुकी है।
मनोज दुबे ने कहा कि किसानों को मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के लिए डीएपी खाद का उत्पादन और स्टॉक बढ़ाकर दोगुना करने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन बढ़ाने की मांग की है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
