कोटा, 22 दिसंबर 2025।

मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने के कथित प्रयासों के विरोध में सोमवार को कोटा शहर में सियासी सरगर्मी देखने को मिली। जिला कांग्रेस कमेटी कोटा के आह्वान पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम और देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानूप्रताप सिंह के नेतृत्व में रामपुरा गांधी चौक से शांतिपूर्ण सत्याग्रह और पैदल मार्च का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12.30 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की गई, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।

यह विरोध प्रदर्शन पीसीसी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि भाजपा-आरएसएस मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करने और उससे महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे रोजगार के कानूनी अधिकार पर कुठाराघात बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए योजनाओं से महापुरुषों के नाम हटाकर ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम देश के हर नागरिक के मन में रचा-बसा है और किसी योजना से नाम हटाने से उनकी विचारधारा को मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के बजाय उनसे महापुरुषों के नाम हटाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है।

देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानूप्रताप सिंह ने कहा कि मोदी सरकार बदले की भावना और द्वेषपूर्ण राजनीति के तहत कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास देश के विकास के लिए कोई नया विजन नहीं है, इसलिए वह पूर्ववर्ती सरकारों की योजनाओं और महापुरुषों के नामों को निशाना बनाकर केवल राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है।

पूर्व शहर अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने भी सरकार पर महापुरुषों की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार का जनता और विकास से कोई सरोकार नहीं रह गया है। उनका कहना था कि सरकार का पूरा ध्यान विपक्षी नेताओं और विचारधाराओं को कमजोर करने पर केंद्रित है।

कांग्रेस महासचिव डॉ. विजय सोनी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व अल्पसंख्यक प्रदेशाध्यक्ष आबिद कागजी, पीसीसी सचिव शिवराज गुंजल और मंजूर तंवर, महापौर मंजू मेहरा, उपमहापौर पवन मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, पार्षद, अग्रिम संगठन के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह और पैदल मार्च के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।

कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा और महात्मा गांधी के नाम से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख नहीं बदला, तो देशभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन ने कोटा की राजनीति में एक बार फिर मनरेगा और महात्मा गांधी के नाम को लेकर चल रहे विवाद को केंद्र में ला दिया है।

Pratahkal Newsroom

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