कोटा में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर उतरा बचपन: अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब ने पारंपरिक खेलों से दिया स्वदेशी का संदेश
कोटा के नयापुरा स्टेडियम में अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब ने मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर पारंपरिक खेलों का भव्य आयोजन किया। स्वदेशी डोर से पतंगबाजी, गुल्ली-डंडा और सतोलिया के जरिए समाज को प्लास्टिक मुक्त भारत और यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया गया। बचपन की यादें ताजा करते इस कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध जनों ने एकजुटता और स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया।

कोटा, 13 जनवरी। शिक्षा नगरी कोटा के महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में आज मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर एक अनूठा और उत्साहजनक दृश्य देखने को मिला, जहाँ आधुनिकता के दौर में पीछे छूटते पारंपरिक खेलों की गूँज सुनाई दी। अग्रवाल फ्रेंड्स क्लब द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में न केवल स्वदेशी डोर से पतंगबाजी की गई, बल्कि गुल्ली-डंडा और सतोलिया जैसे खेलों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और बचपन की यादों को जीवंत कर दिया गया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 'स्वदेशी अपनाओ' और सामाजिक जागरूकता का वह अनूठा संगम रहा, जिसने खेल के मैदान को एक बड़े सामाजिक मंच में तब्दील कर दिया।
सतरंगी पतंगों से सजे आसमान में इस बार केवल पेंच ही नहीं लड़ाए गए, बल्कि समाज को नई दिशा देने की कोशिश भी हुई। क्लब के अध्यक्ष आशु गुप्ता और सचिव दीपांशु अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक पतंग पर एक महत्वपूर्ण संदेश अंकित किया गया था। इन पतंगों के माध्यम से देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने, पर्यावरण की रक्षा और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया गया। खेल-खेल में दिए गए इन संदेशों ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
संस्था की चेयरपर्सन लता गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य, मनोरंजन और आपसी सौहार्द बेहद आवश्यक है। इस प्रतियोगिता में शामिल किए गए खेलों ने जहाँ एक ओर पुरानी यादें ताज़ा कीं, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग टीमों के गठन ने प्रतिस्पर्धा को बेहद रोमांचक बना दिया। संरक्षक संजय गोयल ने प्रतिभागियों के जोश की सराहना करते हुए कहा कि मैदान पर दिखी टीम भावना और एकता ही इस आयोजन की वास्तविक सफलता है।
परंपराओं के संरक्षण पर जोर देते हुए संरक्षक भंवरलाल अग्रवाल और जितेंद्र गोयल ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि नई पीढ़ी को हमारे पारंपरिक खेलों के गौरव से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष गौरव बंसल, संरक्षिका सुनीता गोयल, किरण अग्रवाल, किरण गोयल, मयंक मित्तल, दीपालिका मित्तल, रेखा अग्रवाल, सुभाष गुप्ता, रेणु गुप्ता, डॉ मुकेश गुप्ता, वीनी गुप्ता, रामेश्वर मंगल, रितु मंगल, अंकित गोयल, दीपा गोयल, विनोद मित्तल और उर्मिला मित्तल सहित समाज के अनेक गणमान्य जनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता बनकर नहीं रहा, बल्कि इसने समाज को यह संदेश दिया कि अपनी जड़ों की ओर लौटकर ही हम एक स्वस्थ और जागरूक राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

Pratahkal Bureau
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