कोटा में नहरी पानी न छोड़े जाने पर किसानों की चिंता बढ़ी, प्रहलाद गुंजल ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।

टा में धान की फसल के लिए नहरी पानी अभी तक नहीं छोड़े जाने को लेकर पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने गहरी चिंता जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब इस पर फैसला नहीं लिया गया तो किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।

प्रहलाद गुंजल ने कहा कि केशोरायपाटन व बूंदी क्षेत्र की करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि में 90 प्रतिशत से अधिक किसानों ने धान की बुवाई कर दी है। बारिश नहीं होने के कारण कई किसानों को महंगे बीज खरीदकर दोबारा बुवाई करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष जुलाई माह के प्रारंभ में नहरी पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार अब तक बारिश भी नहीं हुई और न ही नहरी पानी छोड़ा गया है, जिससे धान की फसल सूखने और किसानों को करोड़ों रुपये के नुकसान का डर बना हुआ है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों द्वारा प्रशासन को कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सीएडी प्रशासन व सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। किसानों की आय दोगुनी करने की बात करने वाली डबल इंजन सरकार इस गंभीर स्थिति में भी किसानों को हो रहे करोड़ों रुपये के नुकसान को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।

गुंजल ने कहा कि सीएडी प्रशासन को सरकार से वार्ता कर शीघ्र अतिशीघ्र धान की फसल के लिए नहरी पानी छोड़ना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यदि अविलंब इस पर फैसला नहीं लिया गया तो वे किसानों के साथ सड़कों पर उतरेंगे और किसानों को हो रहे करोड़ों रुपये के नुकसान को बचाने के लिए आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।

यह पूरा मामला क्षेत्र के हजारों किसानों की फसल और आजीविका से जुड़ा होने के कारण प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर दबाव और तेज होता दिखाई दे रहा है।

Pratahkal Bureau

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