कोटा, 1 फरवरी। शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री संजय यादव ने केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा पेश किये गये आम बजट को पूरी तरह से जनविरोधी और कॉरपोरेटपरस्त बताया है।


बजट की आलोचना और प्रमुख वर्ग

  • "इस बजट में महंगाई से त्रस्त आम आदमी, बेरोजगार युवा, किसान और मध्यम वर्ग के लिए कोई राहत नहीं दी गई है।"
  • उन्होंने कहा कि सरकार ने एक बार फिर बड़े-बड़े आंकड़ों और खोखले दावों से देश को गुमराह करने की कोशिश की है।

किसानों और युवाओं की अनदेखी

किसानों की आय दोगुनी करने का वादा फिर दोहराया गया, लेकिन एमएसपी, कर्ज माफी और खाद-बीज की कीमतों पर चुप्पी साध ली गई।

युवाओं के लिए रोजगार की कोई ठोस योजना नहीं है। हर साल दो करोड़ नौकरियों का सपना दिखाने वाली सरकार आज भी रोजगार के आंकड़े बताने से डर रही है।


महंगाई और टैक्स का बोझ

महंगाई आसमान छू रही है, लेकिन पेट्रोल-डीजल, गैस और रोजमर्रा की जरूरतों पर कोई राहत नहीं दी गई।

"मध्यम वर्ग को टैक्स में उलझाकर रखा गया है, जबकि चुनिंदा उद्योगपतियों को फिर छूट का तोहफा दिया गया।"

यह बजट सबका साथ नहीं, बल्कि कुछ खास का विकास दिखाता है।

Pratahkal Bureau

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