धारा 80C में कोई बढ़ोतरी नहीं

  • पुरानी कर प्रणाली में धारा 80C की ₹1,50,000 की सीमा को वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है।
  • बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और बीमा खर्च को देखते हुए यह सीमा बढ़ाना आवश्यक था।
  • सरकार ने इसे पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया।

दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर (LTCG) में राहत नहीं

निवेश और शेयर बाजार को प्रोत्साहन देने के लिए दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर की दर कम किए जाने की अपेक्षा थी, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे निवेशक वर्ग निराश हुआ है।

GST सरलीकरण केवल घोषणा तक सीमित

  • वस्तु एवं सेवा कर (GST) को सरल बनाने की बात बार-बार की जाती है।
  • इस बजट में न तो रिटर्न प्रक्रिया आसान की गई और न ही नियमों की जटिलता कम की गई।
  • छोटे व्यापारियों और पेशेवरों की समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं।

मध्यम वर्ग के साथ अन्याय

आयकर स्लैब, छूट या अनुपालन बोझ में कोई वास्तविक राहत न देकर सरकार ने एक बार फिर मध्यम वर्ग और ईमानदार करदाता की उपेक्षा की है।


निष्कर्ष: बजट 2026 विफल

सी.ए. टिंकू जैन ने कहा कि "यह बजट मध्यम वर्ग विरोधी, निवेश विरोधी और करदाता विरोधी है।"

सरकार को चाहिए था कि वह कर प्रणाली को सरल बनाकर तथा वास्तविक कर राहत देकर जनता का विश्वास जीतती, लेकिन बजट 2026 इस कसौटी पर पूरी तरह विफल रहा है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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