बजट 2026: सीए टिंकू जैन ने केंद्रीय बजट को करदाता विरोधी बताया
कोटा जिला कांग्रेस सीए सेल अध्यक्ष ने धारा 80C और LTCG में राहत न मिलने पर नाराजगी जताते हुए बजट को मध्यम वर्ग की अनदेखी बताया है।

केंद्रीय बजट 2026 की समीक्षा करते कोटा जिला कांग्रेस सीए सेल अध्यक्ष टिंकू जैन। Image generated by AI for illustrative purposes.
धारा 80C में कोई बढ़ोतरी नहीं
- पुरानी कर प्रणाली में धारा 80C की ₹1,50,000 की सीमा को वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है।
- बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और बीमा खर्च को देखते हुए यह सीमा बढ़ाना आवश्यक था।
- सरकार ने इसे पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया।
दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर (LTCG) में राहत नहीं
निवेश और शेयर बाजार को प्रोत्साहन देने के लिए दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर की दर कम किए जाने की अपेक्षा थी, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे निवेशक वर्ग निराश हुआ है।
GST सरलीकरण केवल घोषणा तक सीमित
- वस्तु एवं सेवा कर (GST) को सरल बनाने की बात बार-बार की जाती है।
- इस बजट में न तो रिटर्न प्रक्रिया आसान की गई और न ही नियमों की जटिलता कम की गई।
- छोटे व्यापारियों और पेशेवरों की समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं।
मध्यम वर्ग के साथ अन्याय
आयकर स्लैब, छूट या अनुपालन बोझ में कोई वास्तविक राहत न देकर सरकार ने एक बार फिर मध्यम वर्ग और ईमानदार करदाता की उपेक्षा की है।
निष्कर्ष: बजट 2026 विफल
सी.ए. टिंकू जैन ने कहा कि "यह बजट मध्यम वर्ग विरोधी, निवेश विरोधी और करदाता विरोधी है।"
सरकार को चाहिए था कि वह कर प्रणाली को सरल बनाकर तथा वास्तविक कर राहत देकर जनता का विश्वास जीतती, लेकिन बजट 2026 इस कसौटी पर पूरी तरह विफल रहा है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
