कोटा में ब्राह्मण कल्याण परिषद का भव्य आयोजन: बसंती छटा के बीच महिला शक्ति ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग
कोटा में ब्राह्मण कल्याण परिषद महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित 'बसंत उत्सव' में बिखरे संस्कृति के अद्भुत रंग। पीले परिधानों और फूलों की सजावट के बीच रितु शर्मा बनीं सोलह श्रृंगार की विजेता, तो अर्चना शर्मा को चुना गया बसंत क्वीन। पारंपरिक नृत्य और गीतों के साथ नारी शक्ति के आत्मविश्वास का हुआ भव्य प्रदर्शन। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में प्रकृति के यौवन और नई ऊर्जा के पर्व बसंत का स्वागत बेहद निराले अंदाज में किया गया। ब्राह्मण कल्याण परिषद महिला प्रकोष्ठ के तत्वाधान में आयोजित 'बसंत उत्सव' ने न केवल परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि नारी शक्ति के आत्मविश्वास और सांस्कृतिक कौशल की एक ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने आयोजन स्थल को मिनी भारत के रंगारंग स्वरूप में बदल दिया। एक निजी होटल में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में संपूर्ण सभागार पीले परिधानों और फूलों की महक से सराबोर नजर आया, मानो साक्षात ऋतुराज बसंत ने वहां दस्तक दे दी हो।
कार्यक्रम का विधिवत मंगल शुभारंभ परिषद के संयोजक अनिल तिवारी ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया। दीप की लौ के साथ ही उत्सव का उत्साह परवान चढ़ने लगा। समारोह की विशिष्टता महिलाओं का वह पारंपरिक उत्साह था, जो उनके नृत्य, मधुर गीतों और हास्य प्रस्तुतियों में स्पष्ट रूप से झलका। ऋतु पर्व के मनमोहक वातावरण के बीच महिलाओं ने एक के बाद एक ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।
इस अवसर पर संभागीय अध्यक्ष डॉ. शीला तिवारी ने समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन मात्र नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे मंचों से महिलाओं के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, जो उन्हें सामाजिक सहभागिता के लिए प्रेरित करती है।
उत्सव के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम में रोमांच भर दिया। कड़े मुकाबले के बीच 'सोलह श्रृंगार' प्रतियोगिता में रितु शर्मा ने अपनी विशिष्ट वेशभूषा और प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं उत्सव की सबसे प्रतिष्ठित 'बसंत क्वीन' प्रतियोगिता का खिताब अर्चना शर्मा के नाम रहा। विजेताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई।
इस भव्य समागम में धर्मेंद्र दीक्षित, मोहनकांता शर्मा, शीला तिवारी, माधवी शर्मा, अनीता शर्मा, वर्षा दीक्षित, सविता शर्मा, रेणु गौड़, मंजू गौड़, रेखा हरित, ममता शर्मा, संतोष गौतम, कल्पना तिवारी, प्रमिला शर्मा, संध्या गौतम, मीना शर्मा और रचना शर्मा सहित समाज के प्रबुद्ध जन एसएन शर्मा, डॉ मनीष तिवारी, पंडित तुलसीराम शर्मा, ओम तनकारिया और किशन पाठक जैसे अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक फोटो सत्र और बसंती गीतों की गूंज के साथ हुआ, जिसने एकता और हर्षोल्लास का एक अमिट संदेश छोड़ा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
