कोटा, 15 अप्रैल। राजस्थान के कोटा जिले में सहकारिता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड ने किसानों को दशकों पुराने कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाई है। मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के अंतर्गत बैंक ने न केवल किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया, बल्कि ऋण राहत वसूली के मामले में पूरे जोन में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रबंधन क्षमता का लोहा मनवाया है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के 383 किसानों को कुल ₹9 करोड़ 60 लाख की भारी-भरकम ब्याज राहत प्रदान की गई है, जिससे बीते 20 से 35 वर्षों से लंबित पड़े बकाया ऋण खातों का सफलतापूर्वक निस्तारण संभव हो सका है।

बैंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित समीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक में इन आंकड़ों की पुष्टि की गई, जिसकी अध्यक्षता बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा, सदस्य नरसीलाल मीणा, राज्य बैंक प्रतिनिधि धर्मवीर सिंह, बैंक सचिव ऋतु सपरा, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार, लेखाधिकारी एवं विभिन्न शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि योजना के माध्यम से जहाँ एक ओर किसानों को ₹9.60 करोड़ की राहत मिली, वहीं दूसरी ओर ₹4 करोड़ 50 लाख की नकद वसूली भी सुनिश्चित की गई। इस प्रकार राहत और नकद राशि को मिलाकर बैंक ने कुल ₹14 करोड़ 10 लाख की ऐतिहासिक वसूली दर्ज की है, जिसने बैंक की वित्तीय नींव को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है।

एनपीए नियंत्रण के मोर्चे पर बैंक का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है। 31 मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, ₹494.37 लाख के एनपीए ऋणों के मुकाबले बैंक ने ₹339.55 लाख की वसूली करने में सफलता प्राप्त की है। लगभग 69 प्रतिशत की यह एनपीए रिकवरी बैंक की कार्यकुशलता और पारदर्शिता का जीवंत प्रमाण है। केवल रिकवरी ही नहीं, बल्कि ऋण वितरण में भी बैंक ने सक्रियता दिखाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 110 किसानों को ₹2 करोड़ 93 लाख का नया ऋण वितरित किया गया, जिससे स्थानीय कृषि गतिविधियों को नई गति मिली है।

अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बैंक का मुख्य उद्देश्य किसानों को केवल ऋण देना नहीं बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। वर्षों पुराने कर्ज से मुक्त होकर किसान अब एक नई आर्थिक शुरुआत कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि बैंक 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः लाभ की स्थिति में आ जाएगा। किसानों के व्यापक हित को देखते हुए बैंक प्रशासन राज्य सरकार से इस राहत योजना की अवधि बढ़ाने का आग्रह भी करेगा। यह आयोजन न केवल एक वित्तीय उपलब्धि है, बल्कि किसानों और सहकारी संस्थाओं के बीच विश्वास के जुड़ाव का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में और अधिक सुदृढ़ होगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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