भीलवाड़ा सड़क सुरक्षा: इंस्पेक्टर टीना सोलंकी ने बच्चों को दिए यातायात नियम के संस्कार
भारत विकास परिषद् के अभिरुचि शिविर के छठे दिन यातायात इंस्पेक्टर ने बच्चों को हेलमेट, सीट बेल्ट और साइबर सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया।

भीलवाड़ा के सेंट्रल अकैडमी में आयोजित भारत विकास परिषद् के सात दिवसीय अभिरुचि शिविर के छठे दिन बच्चों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और हेलमेट के महत्व की जानकारी देतीं यातायात विभाग की इंस्पेक्टर टीना सोलंकी।
हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा कवच हैं, इन्हें अपनी दैनिक आदत बनाइए।" यह प्रेरणादायी संदेश यातायात विभाग की इंस्पेक्टर टीना सोलंकी ने सेंट्रल अकैडमी, रामधाम रोड, आजाद नगर में आयोजित सात दिवसीय अभिरुचि शिविर के छठे दिन विशेष जागरूकता सत्र के दौरान बच्चों को दिया। भारत विकास परिषद् वीर शिवाजी शाखा द्वारा आयोजित इस शिविर के माध्यम से बच्चों को सड़क सुरक्षा के अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिए गए, जिसका आज भव्य समापन समारोह आयोजित होने जा रहा है।
जागरूकता सत्र को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर टीना सोलंकी ने बच्चों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि सड़क पर चलते समय नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। दोपहिया वाहन पर हेलमेट एवं चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग दुर्घटना के समय जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने उपस्थित बच्चों को यातायात संकेतों, सड़क पार करने के नियमों एवं वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की कड़ी सीख दी। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे स्वयं भी इन नियमों का अक्षरशः पालन करें और अपने परिवारजनों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
सात दिवसीय अभिरुचि शिविर के क्रमिक घटनाक्रम पर प्रकाश डालें तो पहले दिन विभिन्न विधाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया था। दूसरे दिन डॉ. मिली शर्मा ने बच्चों एवं अभिभावकों को घर, विद्यालय एवं सामाजिक वातावरण के बीच मानसिक सामंजस्य बनाए रखने के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए, वहीं राधेश्याम शोत्रिए ने गायत्री मंत्र के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के गूढ़ महत्व से परिचित कराया। शिविर के तीसरे दिन सीएस वरुण काबरा ने बच्चों को ऑनलाइन फ्रॉड एवं साइबर अपराधों से बचाव की तकनीकी जानकारी देकर सजग किया, तथा इसी दिन केंद्रीय संस्कार प्रभारी मुकेश लाठी ने शिविर का अवलोकन कर बच्चों को नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का दिव्य संदेश दिया।
चौथे दिन पुखराज सोनी एवं अजय सोमानी ने भजनों एवं संस्कारित गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसी श्रृंखला में क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी ने भी शिविर का अवलोकन किया और परिषद् के इस अनूठे प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि "संस्कारित बच्चे ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य होते हैं।" उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसे शिविर बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं।
शिविर प्रभारी हीना सारस्वत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सात दिवसीय शिविर में बच्चों के हुनर को तराशने के लिए संगीत, ढोलक-तबला, कंप्यूटर डिजाइनिंग, स्केचिंग, पेंटिंग, मेहंदी, पब्लिक स्पीकिंग, डिजिटल मार्केटिंग, डांस, गरबा, स्केटिंग एवं बैडमिंटन सहित विभिन्न रचनात्मक व खेलकूद गतिविधियों का सघन प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस सात दिवसीय शिविर का समापन आज सायंकाल आयोजित होगा, जिसमें प्रतिभागी बच्चे अपनी सीखी हुई अद्भुत प्रतिभाओं का जीवंत प्रदर्शन करेंगे।
इस संपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में भारत विकास परिषद् के अनेक प्रबुद्ध सदस्यों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें कमलेश बोड़ाना, वर्षा मित्तल, हीना सारस्वत, उपाध्यक्ष श्वेता माहेश्वरी, सुशीला कोठारी, लक्ष्मी भारद्वाज, दिनेश सोनी, चंद्रशेखर सारस्वत, शशि बोड़ाना, योगेश मित्तल, सुभाष मोटवानी, रूपा पारीक, उमेश शर्मा, ऋतु शर्मा, सुनील भंसाली, अनीता अग्रवाल, संगीता वर्मा, सुमन नंदवाना, ममता चोरड़िया एवं पुनीत भूतड़ा सहित कई गणमान्य सदस्य शामिल रहे। यह शिविर बच्चों में न केवल कौशल विकास बल्कि नैतिक और सामाजिक चेतना जागृत करने में भी अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ है।

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