कोटा। शौर्य और ज्ञान के प्रतीक आराध्य देव भगवान परशुराम जी का प्राकट्य महोत्सव इस वर्ष संभागभर में अभूतपूर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित इस जन्मोत्सव की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, जिसके तहत आज 18 अप्रैल को शिक्षा नगरी कोटा में एक विशाल एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन होने जा रहा है। कार्यक्रम संयोजक बाबा शैलेन्द्र भार्गव (गोदावरी धाम) ने आयोजन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि महोत्सव के केंद्र में न केवल धार्मिक आस्था है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और समसामयिक विषयों पर जनचेतना का संदेश भी समाहित है।

भव्य शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ सायं 5:15 बजे परशुराम सर्किल, तलवंडी से होगा, जहां प्रकांड विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की जाएगी। यह शोभायात्रा परशुराम सर्किल से प्रारंभ होकर सेंट्रल पब्लिक स्कूल, केशवपुरा मुख्य मार्ग, महावीर नगर तृतीय चौराहा, घटोत्कच सर्किल और महर्षि गौतम सामुदायिक भवन के समक्ष से होते हुए परशुराम वाटिका, बालाजी मार्केट पहुंचेगी। यहां यात्रा एक धर्मसभा में परिवर्तित हो जाएगी, जहां उपस्थित जनसमूह को पूज्य संतों के आशीर्वचन प्राप्त होंगे। शंख ध्वनि और भव्य आतिशबाजी के मध्य 151 दीपों से भगवान परशुराम की महाआरती उतारी जाएगी। सांस्कृतिक आकर्षण के रूप में कथक नृत्य गुरु बरखा जोशी के निर्देशन में रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा समाज के भामाशाहों का सम्मान किया जाएगा। अंत में शुद्ध एवं स्वच्छ महाप्रसादी के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामलला अयोध्या सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. आचार्य राजानन्द शास्त्री, क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के प्रपौत्र अमित आजाद (लखनऊ), पूर्व आईजी लक्ष्मण गौड़, प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य राजकुमार शर्मा (टोंक), मोटे महादेव के संत दशरथ दास महाराज, स्टेशन के भरत महाराज, झालीपुरा के सियाराम महाराज और कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा सहित कई गणमान्य विभूतियां सम्मिलित होंगी।

शोभायात्रा के मुख्य आकर्षणों की जानकारी देते हुए प्रवक्ता रमेश चन्द्र गौतम ने बताया कि यात्रा में विभिन्न देवी-देवताओं और महापुरुषों की झांकियां सजी होंगी, जिनमें राधा-कृष्ण की नृत्य नाटिका, रामदरबार, ब्राह्मण ऋषियों की झांकी और भगवान परशुराम की विशेष झांकी शामिल है। साथ ही भगवान गणेश, डोरेमोन, सेठ-सेठानी, झालावाड़ की बिंदोरी, उज्जैन के प्रसिद्ध ढोल-ताशे, झांझ, फाग चंग पार्टी, अखाड़े, कच्ची घोड़ी और विभिन्न भजन मंडलियां शोभा बढ़ाएंगी। विशेष आकर्षण के रूप में बटुक बटुक मंत्रोच्चार के साथ हवन करते हुए चलेंगे, जो वेद विद्यालय में भगवान राम और कृष्ण द्वारा प्राप्त शिक्षा को जीवंत करेंगे। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यूजीसी कानून के विरोध में तैयार की गई विशेष झांकी इस यात्रा का प्रमुख केंद्र रहेगी। यात्रा के अग्रिम भाग में घुड़सवार केसरिया ध्वज थामे चलेंगे, जिनके पीछे 3 बैंड, 4 डीजे और बग्गियों में संतों की सवारी होगी। हजारों की संख्या में समाज के पुरुष भगवा या सफेद कुर्ता-पजामा और मातृशक्ति पीली साड़ियों में शामिल होकर 'सशक्त नारी, सशक्त समाज' का संदेश देंगी। आयोजन में लगभग 5000 महिलाएं सिर पर पगड़ी और हाथ में परसा लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगी।

बाबा शैलेन्द्र भार्गव ने इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के सभी संगठनों की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि यह महोत्सव समाज की एकता का परिचायक है। भोजन व्यवस्था को लेकर उन्होंने "उतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में" का संकल्प दोहराया ताकि स्वच्छता बनी रहे। इस आयोजन को सफल बनाने हेतु रामस्वरूप शर्मा, राजेंद्र गौतम, अनिल तिवारी, प्रदीप दाधीच, ईश्वर शर्मा, विशाल शर्मा, किशन पाठक, धर्मेंद्र दीक्षित, जगमोहन गौतम, ब्रजराज गौतम, लोकपाल जगदीश शर्मा, अरुण भार्गव, बबलू शर्मा, नवीन शर्मा, नंदकिशोर दलाल, श्याम बिहारी शर्मा, आकाश भार्गव, नेमीचंद शर्मा, अनिल शर्मा, कपिल शर्मा, और दीपक शर्मा सहित समस्त समाज बंधु तत्परता से जुटे हुए हैं।

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