बूंदी में खाद, बीज, बिजली और नहरी पानी की मांग के साथ-साथ केडीए की कथित ज्यादतियों के विरोध में हजारों किसान और युवा सड़कों पर उतर आए। पूर्व विधायक व कोटा लोकसभा प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में आयोजित जनसभा में किसानों का बड़ा जनसमूह उमड़ा। जनसभा के बाद प्रदर्शनकारी रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर बूंदी को ज्ञापन सौंपा।

कोटा/बूंदी। छात्रों पर हुए बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ की गई बदसलूकी, केडीए की ज्यादतियों तथा बूंदी जिले के किसानों की खाद, बीज, बिजली और नहरी पानी छोड़ने की मांग को लेकर बूंदी धानमंडी परिसर में जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में हजारों की संख्या में किसान और युवा शामिल हुए।

जनसभा के बाद हाथों में सरकार विरोधी नारों की तख्तियां लिए विशाल जनसमूह गगनचुंबी नारों के साथ रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय बूंदी की ओर रवाना हुआ। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर बूंदी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बूंदी विधायक हरिओम शर्मा, खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर, बूंदी जिला अध्यक्ष महावीर मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि यह फसल नहीं, किसान का जीवन है। फसल नष्ट होती है तो किसान के सपनों का ताना-बाना नष्ट हो जाता है और उसके सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान पिछले दो माह से नहरी पानी छोड़ने की मांग कर रहा है। खाद और बीज के लिए किसान लाइनों में लग रहा है और लाठियां खा रहा है।

गुंजल ने कहा कि जब उन्होंने कहा कि हम बूंदी आ रहे हैं और सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे, तो यहां के सांसद किसानों की झूठी वाहवाही लूटने के लिए उन्हें मोहरा बनाते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां के सांसद ने किसानों से कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात कर ली है और गांधी सागर से पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन जो पानी छोड़ा गया वह नहरों के पैंदों से भी ऊपर तक नहीं आया और किसान का खेत फिर सूखा का सूखा रह गया।

उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा ही चुनी हुई सरकार के सामने भारत का भाग्य विधाता, इस मुल्क का अन्नदाता, जो पसीने की बूंदें बहाता है, धरती का सीना फाड़कर अन्न पैदा करता है, देश और समाज को पालता है, वह किसान रोता रहे और सरकार मद-मस्त होकर घूमती रहे, इससे बड़ा मजाक इस मुल्क के भाग्य विधाता के साथ नहीं हो सकता।

केडीए के मुद्दे पर प्रहलाद गुंजल ने कहा कि केडीए के नाम पर बूंदी के किसानों और ग्रामीणों को उजाड़ा जा रहा है। उनकी जमीनों को अतिक्रमण बताकर उनसे छीना जा रहा है और उन्हीं जमीनों को कोटा सहित आसपास के धन्ना सेठ अपनी अय्याशियों का अड्डा बनाने और मौज-मस्ती के लिए फार्म हाउस बनाने के लिए खरीद रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केडीए ने किसानों और ग्रामीणों के साथ ज्यादती की तो केडीए सहित सरकार की नींद हराम कर देंगे।

खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट को लेकर गुंजल ने कहा कि 1300 रुपए का खाद का कट्टा किसानों को नहीं मिल रहा है। यदि किसान खाद के कट्टे के साथ अटैचमेंट खरीद कर 2400 रुपए देता है तो जिस किसान को एक कट्टा नहीं मिल रहा, वह अटैचमेंट के साथ जितने कट्टे चाहे ले सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह किसानों के साथ खुली लूट नहीं है।

उन्होंने कहा कि खाद के काम में यह मोनोपोली यहां के धनपतियों के कारण चल रही है। गुंजल ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत का किसान खेत में जितना पसीना बहाता है, उसे उसकी कीमत नहीं मिलती और यह धनपति लोग कालाबाजारी कर रहे हैं।

छात्रों के आंदोलन और राहुल गांधी के साथ हुई बदसलूकी के मुद्दे पर गुंजल ने कहा कि दिल्ली की धरती पर पिछले एक महीने से नन्ही-नन्ही बच्चियां और नन्हे-नन्हे बच्चे शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार देश के नौजवानों पर बर्बरता पूर्वक लाठियां चला रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी बेटियों पर अत्याचार किया गया और जिस तरह से अमित शाह की पुलिस ने बच्चियों को लाठियों से ठोसे मारे तथा उनकी छाती पर पैर रखकर उन्हें मारा, उससे पूरा देश शर्मसार हो गया। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों की आवाज बनकर आगे आए और छात्रों पर हुई बर्बरता पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगने उनके निवास पहुंचे, तब उनके साथ भी बदसलूकी की गई, जो लोकतंत्र की हत्या है।

बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल के आह्वान पर उमड़ा यह जनसैलाब बताता है कि लोकतंत्र बचाओ अभियान की शुरुआत आज बूंदी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं। सभी को एकजुट होकर इन चुनावों में कांग्रेस को विजय दिलानी है, तभी राजस्थान सरकार को उखाड़ फेंकने में सफलता मिलेगी।

खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी और गांव विरोधी है। इस सरकार में बैठे लोग लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं और ऐसे में देश राहुल गांधी की तरफ देख रहा है।

बूंदी जिला अध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि यह तानाशाही सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। केडीए के नाम पर बूंदी के किसानों और ग्रामीणों को उजाड़ा जा रहा है। बूंदी का किसान, ग्रामीण और आमजन सरकार की नीतियों से त्रस्त है और आज उमड़ा जनसैलाब इसका प्रमाण है।

जनसभा को बूंदी सहप्रभारी वीरेंद्र सिंह झाला, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव गुड्डू कादरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य सत्येश शर्मा, चर्मेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी एससी प्रकोष्ठ महामंत्री डीके मेघवाल, उपाध्यक्ष मोडूलाल वर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव संतोष भाकल, पूर्व प्रधान तालेड़ा मोहन गुर्जर, जय किशन मीणा, पूर्व प्रधान बूंदी मधु वर्मा, ओबीसी प्रकोष्ठ बूंदी अध्यक्ष बृजमोहन यादव, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन अध्यक्ष जगदीश पारेता, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, चेतराम मीणा और जगरूप सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया।

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