कोटा, 22 अप्रैल 2026। हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र पर बारां जिले को सशक्त पहचान दिलाने और शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को चीता संरक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की बारां इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी से मुलाकात कर बारां के पर्यटन विकास और हाड़ोती टूर पैकेज में इसे अनिवार्य रूप से शामिल करने पर विस्तृत चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में विचरण कर रहे चीता ‘पी-3’ के फोटो पोस्टर का विमोचन भी किया गया, जो इस क्षेत्र में वन्यजीवों की समृद्ध उपस्थिति का जीवंत प्रमाण है।

प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी तथ्यों के साथ अवगत कराया कि बारां जिले का वन क्षेत्र रणथंभौर टाइगर रिजर्व, कूनो नेशनल पार्क और माधव टाइगर रिजर्व जैसे प्रतिष्ठित अभ्यारण्यों से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण यह क्षेत्र एक अनिवार्य वन्यजीव कॉरिडोर के रूप में कार्य करता है। हरिओम अग्रवाल ने जानकारी दी कि चीता ‘पी-3’ वर्तमान में शेरगढ़ क्षेत्र में अपनी टेरिटरी विकसित कर रहा है और पवन नदी के तटीय इलाकों में उसका निरंतर मूवमेंट देखा गया है। यह चीता अब तक स्थानीय स्तर पर खरगोश और जंगली सूअर का शिकार कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।

संरक्षण के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ अभ्यारण्य में बाउंड्री वॉल का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, किंतु शेष 25 प्रतिशत कार्य बजट की अनुपलब्धता के कारण अधर में लटका है। प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस लंबित कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु सरकार तक प्रभावी पैरवी की जाए ताकि इसे भविष्य में पूर्ण विकसित चीता सेंचुरी का स्वरूप दिया जा सके। इसके अतिरिक्त, बारां में पर्यटन विभाग के स्थायी कार्यालय के अभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। स्थायी कार्यालय न होने से क्षेत्र के विकास, संरक्षण और प्रचार-प्रसार में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जबकि कार्यालय की स्थापना से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी बल्कि रोजगार के नवीन अवसर भी सृजित होंगे।

कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि बारां जिला पुरातत्व, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से लबरेज है। उन्होंने जोर दिया कि शेरगढ़ वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य और सोरसन वन क्षेत्र को विकसित कर हाड़ोती को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है। माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि यदि यहां चीता पुनर्वास योजना प्रभावी रूप से लागू होती है, तो यह संपूर्ण क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। फेडरेशन द्वारा कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां को एक एकीकृत पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शीघ्र ही बारां में एक संभागीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिले के पर्यटन विकास की रूपरेखा पर गहन मंथन होगा। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में INTACH से जितेंद्र शर्मा, मृत्युंजय पंकज, मोहम्मद अशफाक सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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