बकानी/झालावाड़। मालवा और हाड़ौती के आध्यात्मिक क्षितिज पर गौ सेवा की अलख जगाने वाले प्रख्यात संत पंडित कमल किशोर जी नागर के मुखारविंद से बकानी के समीप थोबड़िया खुर्द गांव की पावन धरा पर विराट श्रीमद भागवत कथा का मंगल शुभारंभ गुरुवार, 15 जनवरी से होने जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर संपूर्ण क्षेत्र में अपार उत्साह का वातावरण है, क्योंकि ठीक दो दशक के लंबे अंतराल के बाद बकानी क्षेत्र को पूज्य नागर जी के ओजस्वी प्रवचनों का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

कथा के भव्य आयोजन को मूर्त रूप देने में जुटे मुख्य आयोजक गौसेवक मोहनलाल मदनलाल विश्वकर्मा ने बताया कि कथा स्थल पर भूमि पूजन के उपरांत एक विशाल डोम और भव्य पांडाल का निर्माण अंतिम चरण में है। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए पृथक-पृथक और व्यवस्थित दीर्घाएं बनाई गई हैं। पूज्य नागर जी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक अपनी अमृतवाणी से भक्तों को निहाल करेंगे। आयोजन का श्रीगणेश गुरुवार प्रातः एक विशाल कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें बकानी सहित आसपास के दर्जनों गांवों की हजारों महिलाएं पारंपरिक परिवेश में शामिल होकर धर्म ध्वजा फहराएंगी।

आयोजन समिति के प्रवक्ता ने व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 40 बीघा विस्तृत भू-भाग पर फैले इस कथा स्थल के समीप ही दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए समतल पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टेंट में ठहरने, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। आयोजक पूरीलाल विश्वकर्मा ने बताया कि अतिथि सत्कार की अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हुए बकानी के स्थानीय निवासियों ने भी अपने घरों के दरवाजे आगंतुकों के लिए खोल दिए हैं।

इस कथा का एक मुख्य आकर्षण नागर जी के 11 वर्षीय सुपौत्र बाल संत गोविंद होंगे, जो प्रतिदिन एक घंटा अपनी सुमधुर वाणी और भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। पूज्य नागर जी मंगलवार रात्रि को ही थोबड़िया गांव पहुंच चुके हैं और उन्होंने कथा स्थल के पार्श्व में बनी एक साधारण कुटिया में सात दिवसीय निवास का संकल्प लिया है। वे न केवल दिन में प्रवचन देंगे, बल्कि प्रतिदिन रात्रि में भक्तों के साथ ठाकुरजी के सामूहिक भजन-संकीर्तन में भी सहभागिता करेंगे।

उल्लेखनीय है कि पंडित कमल किशोर नागर जी की प्रेरणा से वर्तमान में हाड़ौती और मध्य प्रदेश में कुल 222 गौशालाएं जनसहयोग से संचालित हो रही हैं, जहां निराश्रित और बीमार गौवंश की सेवा की जाती है। इस कथा से होने वाली आय और प्रेरणा आसपास की गौशालाओं के लिए बड़ा आर्थिक संबल बनेगी। राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित बकानी में इस आयोजन के चलते कोटा, रामगंजमंडी, झालावाड़, भवानीमंडी से लेकर मालवा के सोयत, जीरापुर और राजगढ़ तक के हजारों गौभक्तों का जमावड़ा लगेगा, जिससे पूरा क्षेत्र एक विशाल धार्मिक मेले के रूप में परिवर्तित होता दिखाई दे रहा है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story