कैलाश मानसरोवर यात्रा पर बजरंग लाल मेहरा ने की देश की खुशहाली की कामना
राजस्थान के समाज सेवी बजरंग लाल मेहरा ने आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा कर विकसित भारत और सामूहिक विवाह सम्मेलन की सफलता के लिए प्रार्थना की।

उत्तराखंड के नाभीडांग (लिपुलेख) में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा अपने सहयोगियों सत्यपाल कश्यप, बाल किशन और तारा चन्द बमणावत के साथ (बाएं से दाएं)।
राजस्थान प्रदेश कहार कीर-केवट-कश्यप-मेहरा स्वजातीय समाज विकास मंच के मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा जयपुर इन दिनों कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर हैं। उन्होंने कैलाश मानसरोवर पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध मंदिर में भगवान महादेव के दर्शन किए तथा देश और प्रदेशवासियों की खुशहाली की मंगलकामना की।
मंच के प्रदेश महामंत्री एवं प्रवक्ता डॉ. नरेन्द्र मेहरा एडवोकेट ने बताया कि बजरंग लाल मेहरा दिल्ली से हवाई जहाज द्वारा कैलाश मानसरोवर पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान महादेव के दर्शन कर 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले विशाल एवं ऐतिहासिक कीर-कहार-केवट स्वजातीय समाज के चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन, माण्डकलां नगरफोर्ट की सफलता के लिए भी प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत तथा वर्ष 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प की पूर्णता के लिए भी कामना की।
यात्रा के दौरान शिष्टमंडल ने हिमालय पर्वत, आदि कैलाश, ओम पर्वत, नंदा पर्वत, महर्षि वेदव्यास गुफा, काली माता मंदिर सहित अन्य पवित्र स्थलों का अवलोकन किया। शिष्टमंडल ने इन स्थलों को भारत का स्वर्ग बताते हुए उनकी प्राकृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया।
बजरंग लाल मेहरा ने बताया कि ओम पर्वत भारत के उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। समुद्र तल से लगभग 5,591 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह पर्वत भारत-नेपाल-चीन सीमा के निकट है और प्राकृतिक रूप से बर्फ से निर्मित ‘ॐ’ की आकृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
उन्होंने बताया कि नंदा देवी पर्वत उत्तराखंड के चमोली जिले में गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित है। इसकी ऊंचाई 7,816 मीटर (25,643 फीट) है। यह कंचनजंगा के बाद भारत का दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत है, जबकि पूरी तरह भारत की सीमा के भीतर स्थित सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है। इसके आसपास का क्षेत्र नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के रूप में संरक्षित है, जिसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है।
इस पवित्र यात्रा में मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा जयपुर के साथ सत्यपाल कश्यप दिल्ली, बाल किशन हरियाणा तथा तारा चन्द बमणावत दिल्ली भी शामिल रहे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की सफल पूर्णता पर मंच के प्रदेशाध्यक्ष हरिनंद कहार, प्रदेश संरक्षक मोतीलाल मेहरा चेयरमैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फूलचंद कहार एडवोकेट, नगरफोर्ट सम्मेलन के अध्यक्ष सायरलाल मंगरियाव तथा संयोजक किशन लाल कहार व्याख्याता नगरफोर्ट ने बजरंग लाल मेहरा को बधाई देते हुए इसे समाज के लिए गौरव और आध्यात्मिक प्रेरणा का विषय बताया। यह यात्रा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और समाज की एकजुटता का महत्वपूर्ण प्रतीक बनकर सामने आई है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
