कोटा के तलवंडी में विराजमान परम पूज्य भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ती भूषण माताजी ने कहा कि स्वयं धर्म का पालन करने के साथ दूसरों को भी धार्मिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना धर्म प्रभावना का महत्वपूर्ण स्वरूप है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे आचरण से समाज का कोई भी वर्ग धर्म के प्रति आकर्षित होता है तो वह भी धर्म की प्रभावना है। प्रत्येक व्यक्ति को ऐसा आचरण करना चाहिए, जिससे समाज का धर्म के प्रति विश्वास और अधिक दृढ़ हो।

माताजी ने रविवार को सुबह 7.30 बजे आयोजित होने वाली स्मार्ट परिवार कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में संवाद, प्रेम, विश्वास एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं एवं नवदंपतियों से कार्यशाला में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सुदृढ़ परिवार ही सशक्त समाज का आधार हैं।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक जेके जैन ने बताया कि तलवंडी दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित स्मार्ट परिवार कार्यशाला का उद्देश्य परिवारों में संस्कार, समरसता, संवाद और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।

शनिवार को माताजी के पावन सान्निध्य में श्री मुनिसुव्रतनाथ विधान श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। संगीतमय भक्ति और नृत्य के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।

प्रचार मंत्री राजकुमार लूहाड़िया ने बताया कि विधान से पूर्व शांतिधारा का सौभाग्य ओपी गुप्ता परिवार, प्रमोद कंजोलिया परिवार और विमल लूहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ।

विधान में अरविंद बागड़िया, जेके जैन, भागचंद लूहाड़िया, विमल लूहाड़िया, रामरतन जैन, पदम सेठी, अनिल डाबी, विमल बाकलीवाल सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। विधान का संचालन आदि जैन भैया ने किया।

संध्याकाल में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की सहस्र दीप अर्चना का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने माताजी के सान्निध्य में एक हजार दीप समर्पित कर भगवान के गुणों का स्तवन किया। इस अवसर पर आर्यिका श्री स्वस्ती भूषण माताजी ने कहा कि जब-जब मनुष्य छोटी-छोटी धार्मिक साधनाओं और आराधना में मन लगाता है, तब वह सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मकल्याण के पथ पर अग्रसर होता है। उन्होंने धर्म पालन के साथ समाज को धार्मिक मूल्यों से जोड़ने और परिवारों में संस्कारों को मजबूत बनाने का संदेश देते हुए कार्यशाला की उपयोगिता पर बल दिया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story