कोटा। परम पूज्य आर्यिका रत्न श्री स्वस्ति भूषण माताजी का बसंत विहार जैन मंदिर से महावीर नगर प्रथम स्थित सफेद मंदिर तक श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। विहार यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ माताजी का स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में आर्यिका रत्न श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने जीव, अजीव, आत्मा, बहिरात्मा और परमात्मा के स्वरूप का सरल एवं सारगर्भित विवेचन करते हुए कहा कि आत्मज्ञान ही मोक्ष का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुए धर्म, संयम और सदाचार को जीवन का आधार बनाने पर जोर दिया।

महावीर नगर प्रथम जैन समाज के अध्यक्ष गुलाबचंद लुहाड़िया ने बताया कि बसंत विहार जैन मंदिर से निकली विहार यात्रा में जे.के. जैन, विनोद टोरड़ी, मनोज जैसवाल सहित कोटा जैन समाज एवं महावीर नगर प्रथम जैन समाज के अनेक गणमान्यजन शामिल हुए। समाज के मंत्री मिलापचंद अजमेरा के अनुसार, दीप प्रज्ज्वलन, गुरुमां का पाद प्रक्षालन तथा शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य शुभकामना परिवार 'स्वस्ति ग्रुप' महावीर नगर प्रथम को प्राप्त हुआ। वहीं, कोषाध्यक्ष मुकेश लुहाड़िया एवं कार्याध्यक्ष नीरू लुहाड़िया ने जानकारी दी कि आर्यिका के पड़गाहन का सौभाग्य समाज के कार्याध्यक्ष जीवनधर सोगानी, पारस जी, भूपेंद्र जी (पीड़ावा) तथा मनोज जी जैन (मंडाना) को मिला। धर्मसभा में महावीर नगर प्रथम, शॉपिंग सेंटर, बल्लभबाड़ी, तलवंडी, विज्ञान नगर, बसंत विहार तथा लाल मंदिर जैन समाज के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। यह संपूर्ण समारोह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।

Pratahkal Newsroom

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