अमेरिका से कोटा तक रोशनी की तलाश: सुवि आई हॉस्पिटल में अमेरिकी महिला की सफल मोतियाबिंद सर्जरी, मिला नया दृष्टि जीवन
अमेरिका के मिनेसोटा से 12 हजार किलोमीटर दूर कोटा पहुंचीं शैरी मात्ज़के की मोतियाबिंद सर्जरी सुवि आई हॉस्पिटल में सफल रही। अत्याधुनिक लेंस प्रत्यारोपण के बाद उन्हें फिर से स्पष्ट दृष्टि मिली, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी।

सुवि आई हॉस्पिटल कोटा में सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद अमेरिकी मरीज शैरी मात्ज़के (बाएं) को पुस्तक भेंट करते वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुरेश पाण्डेय (दाएं)।
कभी-कभी उम्मीद इंसान को हजारों किलोमीटर दूर तक ले जाती है, और जब उसे सही हाथों का साथ मिल जाता है तो वह उम्मीद नई रोशनी में बदल जाती है। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की निवासी शैरी मात्ज़के की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने अपनी धुंधली होती दुनिया को फिर से स्पष्ट देखने की आस में लगभग 12 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर राजस्थान के कोटा शहर का रुख किया।
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के पाइन सिटी में रहने वाली शैरी मात्ज़के पिछले कई वर्षों से मोतियाबिंद की समस्या से जूझ रही थीं। समय के साथ उनकी दृष्टि लगातार धुंधली होती गई, जिससे दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां भी चुनौतीपूर्ण बन गई थीं। अपने नाती-पोतों के चेहरे स्पष्ट रूप से देख पाना, रात के आकाश में चमकते तारों का आनंद लेना, पुस्तकें पढ़ना और आत्मविश्वास के साथ चलना उनके लिए कठिन होता जा रहा था।
बेहतर और विश्वसनीय उपचार की तलाश में भारत प्रवास के दौरान शैरी कोटा स्थित सुवि आई हॉस्पिटल एवं लेसिक लेज़र सेंटर पहुंचीं। यहां वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुरेश पाण्डेय और डॉ. विदुषी शर्मा की विशेषज्ञ देखरेख में उनकी उन्नत मोतियाबिंद सर्जरी की गई। इस प्रक्रिया के दौरान अत्याधुनिक ज़ायडस सिफी मिनी वेल टोरिक इंट्राओकुलर लेंस का सफल प्रत्यारोपण किया गया।
अस्पताल के अनुसार सर्जरी अत्यंत सटीक और सफल रही। ऑपरेशन के बाद शैरी ने दूर दृष्टि में 20/20 और निकट दृष्टि में N5 स्तर की दृष्टि प्राप्त की। सफल उपचार के बाद उन्होंने भावुक होकर बताया कि अब वे अपनी नातिन द्वारा बनाए गए चित्रों को पढ़ सकती हैं और रात के तारों को फिर से स्पष्ट रूप से देख पा रही हैं। उनके लिए यह केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन में रोशनी और आत्मविश्वास की वापसी का अनुभव था।
इस अवसर पर डॉ. सुरेश पाण्डेय और डॉ. विदुषी शर्मा ने शैरी मात्ज़के को अपनी पुस्तक “A Hippocratic Odyssey: Lessons From a Doctor Couple on Life, Medicine, Challenges and Entrepreneurship” भी भेंट की।
शैरी मात्ज़के का यह अनुभव इस तथ्य को रेखांकित करता है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अब केवल विश्व के बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गई हैं। कोटा जैसे शहरों में भी आधुनिक तकनीक, चिकित्सा नवाचार और विशेषज्ञ उपचार के माध्यम से देश-विदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अमेरिका से कोटा तक की यह यात्रा केवल भौगोलिक दूरी तय करने की कहानी नहीं, बल्कि चिकित्सा उत्कृष्टता, विश्वास और मानवीय संवेदनाओं के माध्यम से जीवन में लौटती रोशनी का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

Pratahkal Bureau
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