कोटा। देश की कॅरियर सिटी कोटा ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यहां सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ही नहीं, बल्कि सफलता का उत्सव भी उसी भव्यता से मनाया जाता है। गुरुवार को दशहरा मैदान में आयोजित एलन विक्ट्री कार्निवल में वर्ष 2025 की जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड और नीट-यूजी में चयनित विद्यार्थियों का ऐतिहासिक सम्मान समारोह हुआ। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा द्वारा आयोजित इस आयोजन में देशभर की आईआईटी, एनआईटी, एम्स और मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत 5 हजार से अधिक भावी इंजीनियर्स, डॉक्टर और उनके अभिभावक शामिल हुए।

दशहरा मैदान में जैसे-जैसे टॉपर्स और उनके परिवार पहुंचते गए, माहौल उत्साह और गर्व से भरता चला गया। वर्षों बाद कोटा लौटे विद्यार्थियों ने पुराने मित्रों और फैकल्टीज से मुलाकात की। कहीं सेल्फी और फोटो का दौर चला तो कहीं फिल्मी गीतों पर झूमते कदम दिखे। कॉलेज सलेक्शन के बाद मिले दोस्तों ने अनुभव साझा किए और कोटा के संघर्ष भरे, लेकिन सपनों को साकार करने वाले दिनों को याद किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के मुख से एक स्वर में यही भाव निकला—“एलन है तो मुमकिन है, और कोटा है तो ही कॅरियर है।”

समारोह में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, डॉ. नवीन माहेश्वरी और डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने मंच से भावी डॉक्टरों और इंजीनियर्स का सम्मान किया। सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी मंच पर पहुंचे और शिक्षकों के साथ सफलता की खुशी साझा की। जेईई और नीट के परिणामों के बाद कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कर चुके विद्यार्थियों ने जब अपनी फैकल्टीज से मुलाकात की तो आशीर्वाद लिया और कॉलेज जीवन की जानकारी साझा की। शिक्षकों ने भी छात्रों की प्रगति और पढ़ाई के अनुभवों के बारे में विस्तार से संवाद किया।

एलन विक्ट्री कार्निवल अब कोटा में टॉपर्स के सबसे बड़े मेले के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। देशभर की आईआईटी, एम्स, एनआईटी और प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का ऐसा संगम केवल कोटा में ही देखने को मिलता है। कोटा को देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की प्रयोगशाला माना जाता है, और इसी कारण यहां से सबसे बड़ा परिणाम निकलता है, जिससे यह आयोजन और भी ऐतिहासिक बन जाता है।

कार्यक्रम में एलन शिक्षा संबल अभियान के अंतर्गत संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक उदाहरण भी सामने आया। मध्यप्रदेश के रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत प्राची पटेल, जिन्होंने एलन कोटा में निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर मेडिकल कॉलेज तक का सफर तय किया, का विशेष सम्मान किया गया। प्राची अपने परिजनों के साथ मंच पर पहुंचीं और शिक्षा संबल को अपने जीवन का वरदान बताया। इसी कड़ी में बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र के अति निर्धन परिवार से आने वाले देराज राम भी अपने परिवार के साथ मंच पर पहुंचे। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता के बेटे देराज आज एम्स जोधपुर में अध्ययनरत हैं। दोनों विद्यार्थियों को गुदड़ी के लाल स्कॉलरशिप योजना के तहत ग्रेजुएशन तक प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

निदेशक डॉ. गोविन्द माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे डॉक्टर और इंजीनियर बनने के साथ-साथ अच्छा इंसान बने रहना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने परिवार और समाज के प्रति सेवा भाव बनाए रखने का संदेश दिया। निदेशक राजेश माहेश्वरी ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने संकल्प और परिश्रम से अपनी पहचान बनानी चाहिए, ताकि उसके नाम से परिवार, शहर और समाज को जाना जाए। निदेशक डॉ. नवीन माहेश्वरी ने विद्यार्थियों से समाज सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया, वहीं निदेशक डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि एलन हर क्षेत्र में विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर फोकस के साथ आगे बढ़ने से निश्चित ही अलग मुकाम हासिल होता है।

विक्ट्री कार्निवल का प्रमुख आकर्षण रंगारंग कार्निवल परेड रही, जिसमें कलाकार नाचते-झूमते हुए विद्यार्थियों के बीच से निकले। कार्टून कैरेक्टर, विंटेज कार, जोकर, बैलेंसिंग गेम्स और डांस प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। गेम जोन में विद्यार्थियों ने कठपुतली शो, कैरम, जंपिंग और विभिन्न खेलों का आनंद लिया और इनाम भी जीते।

बीकानेर सीमा क्षेत्र के गद्देवाला ग्राम निवासी मां पालू बिश्नोई ने बताया कि उनकी दोनों बेटियां डॉक्टर बन रही हैं, जिनमें प्रतिभा बिश्नोई इस वर्ष आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में अध्ययनरत हैं, जबकि प्रियंका बिश्नोई का चयन वर्ष 2022 में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह सब कोटा की बदौलत संभव हो सका और यह शहर जीवनभर याद रहेगा। वहीं, आईआईटी दिल्ली के अबूधाबी कैंपस में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के नवनीत सुरेका ने कहा कि विक्ट्री कार्निवल में शामिल होना उनका सपना था। उन्होंने स्वीकार किया कि अबूधाबी में भी आयोजन होते हैं, लेकिन विद्यार्थियों के सम्मान में ऐसा विशाल और भावनात्मक आयोजन उन्होंने कहीं नहीं देखा।

एलन विक्ट्री कार्निवल न केवल एक सम्मान समारोह रहा, बल्कि यह कोटा की उस पहचान का जीवंत प्रमाण बना, जिसने लाखों विद्यार्थियों के सपनों को दिशा दी और यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संकल्प से हर लक्ष्य संभव है।

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Pratahkal Newsroom

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