कोटा। भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं खेल और युवा मामले विभाग, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कोटा विश्वविद्यालय के खेल प्रांगण में अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता का ऐतिहासिक एवं भव्य शुभारंभ हुआ। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के निर्देशन में आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्पर्धा की मेजबानी का गौरव पहली बार शिक्षा नगरी कोटा को प्राप्त हुआ है। 22 से 26 अप्रैल तक संचालित होने वाली इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए 32 विश्वविद्यालयों की 212 महिला खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और शौर्य का प्रदर्शन कर रही हैं, जिनके साथ 30 अनुभवी कोच व मैनेजर भी उपस्थित हैं।

प्रतियोगिता के प्रथम दिन के परिणामों में पंजाब के विश्वविद्यालयों का पूर्ण वर्चस्व दिखाई दिया। आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फुल स्ट्राइक फटी सोटी टीम इवेंट में गुरु काशी यूनिवर्सिटी, पंजाब ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला एवं जयपुर की डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से कांस्य पदक हासिल किया। इसी क्रम में हाफ स्ट्राइक सिंगल सोटी स्पर्धा में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला ने स्वर्ण पदक जीता, श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी ने रजत तथा डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी एवं देवगढ़ यूनिवर्सिटी, गोबिंदगढ़ ने संयुक्त रूप से कांस्य पदक प्राप्त किया। डॉ. विजय सिंह ने बताया कि यह पूरी प्रतियोगिता गतका की चार प्रमुख श्रेणियों में आयोजित की जा रही है, जिसका सुचारू संचालन गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के 30 तकनीकी अधिकारियों एवं रेफरी के कड़े पर्यवेक्षण में संपन्न हो रहा है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी ने युवाओं को खेलों से जुड़ने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ जीवनशैली के निर्माण के लिए खेल अपरिहार्य हैं और प्रत्येक युवा को अपनी ऊर्जा के सकारात्मक उपयोग हेतु किसी न किसी खेल विधा का हिस्सा अवश्य बनना चाहिए। इस अवसर पर गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव बलजिंदर सिंह तूर ने कोटा में आयोजित इस प्रथम ऐतिहासिक स्पर्धा को स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बताया। कार्यक्रम का कुशल संचालन विजयलक्ष्मी जैन द्वारा किया गया तथा वीर खालसा गतका दल, कोटा के सदस्यों ने पारंपरिक गतका का हैरतअंगेज प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस गौरवशाली प्रदर्शन के दौरान सिख समाज के प्रतिनिधि तरुमीत सिंह बेदी एवं समाजसेवी हरमीत सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मंच पर मुख्य अतिथि प्रो. निमित्त रंजन चौधरी के साथ भारत माता कॉलेज के निदेशक डॉ. मजीद मलिक ‘कमांडो’, प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल जोशी, प्रख्यात समाजसेवी प्रेम जे. भाटिया, सर्वोदय कॉलेज के निदेशक ए.जी. मिर्जा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. घनश्याम शर्मा, प्रो. बी.एस. राठौड़ तथा कार्यवाहक कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक भगवान करमचंदानी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विचार साझा किए। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. एम.एल. साहू, एच.एस. शक्तावत, डॉ. चक्रपाणि गौतम, डॉ. शिखा दाधीच, डॉ. पायल जोशी, डॉ. विपुल शर्मा, डॉ. चमन तिवारी, डॉ. अमर सिंह यादव, डॉ. मूलचंद शर्मा, आशीष यादव, डॉ. तीरथ सांगा, डॉ. धीरेन्द्र सक्सेना, डॉ. भूपेंद्र शर्मा, शाहबाज खान एवं अफरोज अब्बास सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारियों, कार्मिकों व छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने सभी आगंतुक अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया। यह आयोजन न केवल गतका जैसे पारंपरिक खेल को पुनर्जीवित करने का माध्यम बना है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और नारी शक्ति के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनकर उभरा है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story