अकलंक कॉलेज की अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 'शेयर्ड-26' संपन्न, 7 देशों के 200 से अधिक शिक्षाविदों ने किया मंथन
कोटा के अकलंक कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 'शेयर्ड-26' में भारत सहित सात देशों के 200 से अधिक शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन में 160 शोध पत्र, 40 पोस्टर प्रस्तुतियां और विभिन्न श्रेणियों में शिक्षाविदों का सम्मान आकर्षण का केंद्र रहा।

अकलंक कॉलेज कोटा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र के दौरान दीप प्रज्ज्वलित करते अतिथि।
कोटा स्थित अकलंक कॉलेज द्वारा मरयम अबाचा अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ नाइजीरिया के सहयोग से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस "शेयर्ड-26" (साइंस, ह्यूमैनिटीज, एप्लाइड रिसर्च एंड इंजीनियरिंग फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट) का सफल आयोजन किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित नाइजीरिया, बांग्लादेश, जॉर्डन, इराक, यूएसए और यूके सहित कई देशों के 200 से अधिक शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कोटा विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत, अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के सचिव अनिमेष जैन, पूर्व अध्यक्ष विकास अजमेरा, कोषाध्यक्ष कपिल जैन तथा अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र में कुलपति डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने अपने उद्बोधन के माध्यम से शोधार्थियों को शोध एवं नवाचार के प्रति प्रेरित किया। वहीं सहयोगी संस्था मरयम अबाचा अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ नाइजीरिया के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद इसरार ने स्वागत भाषण देते हुए सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया।
कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में यूके से प्रोफेसर डॉ. अर्शी नईम और यूएसए से इस्माइल आदरमोला अब्दुल अजीज ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से देश-विदेश के शोधार्थियों और शिक्षाविदों को संबोधित किया। कॉन्फ्रेंस समन्वयक डॉ. ललित कुमार शर्मा ने बताया कि दो दिनों के दौरान कुल 160 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसके अतिरिक्त 40 पोस्टर प्रस्तुतियों का भी मूल्यांकन किया गया, जिनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को 'बेस्ट पोस्टर अवार्ड' से सम्मानित किया गया।
कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्रों में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। प्रथम दिन आयोजित आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज और कंप्यूटर विज्ञान के तकनीकी सत्र को डॉ. रानिया लैम्पों, प्रो. रंजन महेश्वरी, डॉ. दिव्या हिरेन, प्रो. आबिद हुसैन तथा डॉ. अमित शर्मा ने संबोधित किया। वहीं द्वितीय दिन विज्ञान, स्वास्थ्य विज्ञान और कृषि विज्ञान विषयक तकनीकी सत्र में ओमान के डॉ. इमरान लतीफ कुरैशी, प्रो. विजय देवड़ा, डॉ. अहमद जावेद, डॉ. नूर आलम तथा प्रो. ममता तिवारी ने अपने विचार रखे। दोनों दिनों में शोधकर्ताओं ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन संबंधित सेशन चेयर द्वारा किया गया।
कॉन्फ्रेंस के दौरान माननीय कुलपति द्वारा विभिन्न श्रेणियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षाविदों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रो. डॉ. दीपक पंचौली, यंग रिसर्चर अवॉर्ड डॉ. सीमा शर्मा, यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड राघव मिश्रा, सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद सम्मान डॉ. रुचि जैन, बेस्ट ऑथर अवॉर्ड डॉ. नमिता गोस्वामी, विजनरी एड्यू लीडर अवॉर्ड डॉ. दीपा स्वामी तथा टीचिंग एक्सीलेन्स अवॉर्ड डॉ. मुक्ति पाराशर को प्रदान किया गया।
अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के सचिव अनिमेष जैन और कोषाध्यक्ष कपिल जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य विभिन्न उभरते रुझानों और नवाचारों पर चर्चा के लिए दुनिया भर के प्रोफेशनल्स, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि सतत विकास (Sustainable Development) के लक्ष्यों की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में कॉन्फ्रेंस की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. दिव्या दुबे ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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