अकलंक कॉलेज ऑफ एजूकेशन कोटा में जैव विविधता दिवस पर जागरूकता प्रश्नोत्तरी आयोजित
केंद्रीय संचार ब्यूरो और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में प्रशिक्षणार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने का संदेश दिया।

कोटा के बसंत विहार स्थित अकलंक कॉलेज ऑफ एजूकेशन में विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक आर.एल. मीणा, प्राचार्या डॉ. पिंकी श्रीवास्तव, उप-प्राचार्या नम्रता जैन, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा एवं महाविद्यालय का स्टाफ।
विश्व जैव विविधता दिवस के गरिमामयी अवसर पर कोटा के बसंत विहार स्थित अकलंक कॉलेज ऑफ एजूकेशन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक धरोहरों के प्रति जन-जागरूकता को प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से एक वृहद और चेतनापरक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का सफ़ल आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष जैन, सचिव अनिमेष जैन एवं कोषाध्यक्ष कपिल जैन के कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) यूनिट, परीक्षा समिति तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसने विद्यार्थियों सहित पूरे शैक्षणिक समाज को प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को रेखांकित करने का एक सशक्त मंच प्रदान किया।
आयोजित प्रतियोगिता में महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जैव विविधता संरक्षण से जुड़े गूढ़ एवं समसामयिक विषयों पर अपनी उत्कृष्ट जानकारी, ज्ञान और चेतना का जीवंत प्रदर्शन किया। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना कूट-कूट कर भरना तथा अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को गहराई से विकसित करना रहा। इस बौद्धिक मुकाबले के दौरान भावी राष्ट्र निर्माताओं ने पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता प्रकट की।
समारोह के मुख्य चरण में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पिंकी श्रीवास्तव तथा उप-प्राचार्या नम्रता जैन ने सभी संभागियों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जैव विविधता संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण और अपरिहार्य आवश्यकता बताते हुए कहा कि मानव अस्तित्व की रक्षा के लिए प्रकृति का संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है।
इस राजकीय एवं अकादमिक समागम के अवसर पर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक निदेशक आर.एल. मीणा विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस संयुक्त प्रयास की सराहना की। इसके साथ ही कार्यक्रम में सांस्कृतिक गतिविधि प्रभारी डॉ. किरण गुप्ता, डॉ. मिशा शर्मा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. योगेश शर्मा तथा सुश्री सरिता जैन सहित महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा। इस वृहद आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों को जागरूक किया, बल्कि समाज को यह कड़ा संदेश भी दिया कि पर्यावरण की रक्षा ही आने वाले कल की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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