अजमेर। किसी भी राष्ट्र की नियति उसके क्लासरूम में लिखी जाती है और आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के शिल्पकार हैं। यह विचार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर ने सिविल लाइन्स स्थित इमपेरियल कॉन्वेंट स्कूल के वार्षिक उत्सव के दौरान व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे माहुर ने न केवल मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों के बीच के गहरे अंतर्संबंधों पर एक ओजस्वी मार्गदर्शन भी दिया।

समारोह का शुभारंभ विद्यालय के प्रधान प्रदीप सिंह द्वारा मुख्य अतिथि छगन माहुर के आत्मीय स्वागत और अभिनंदन के साथ हुआ। वार्षिक उत्सव की चमक और उत्साह के बीच छगन माहुर ने अपने संबोधन में राष्ट्र निर्माण के प्रति विद्यार्थियों की भूमिका को आधारभूत और निर्णायक करार दिया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि देश की प्रगति में शिक्षा की रीति-नीति और शिक्षण पद्धति का सबसे बड़ा योगदान होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जैसी शिक्षा होगी, वैसा ही बालक बनेगा और बालक के चरित्र से ही समाज और अंततः राष्ट्र के स्वरूप का निर्धारण होगा।

माहुर ने भविष्य की तस्वीर पेश करते हुए कहा कि आज के यही बच्चे कल के इंजीनियर, डॉक्टर, अध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी और लेखक बनेंगे। अतः यह अनिवार्य है कि शिक्षक केवल पाठ्यवस्तु तक सीमित न रहकर बच्चों में नैतिक और चारित्रिक गुणों का बीजारोपण करें। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में अनुशासन, सर्वधर्म समभाव, देशप्रेम और 'वसुधैव कुटुंबकम्' जैसी महान भारतीय परंपराओं को विकसित करें, ताकि एक सशक्त और एकजुट भारत का निर्माण हो सके।

इस गरिमामय अवसर पर समाज सेवी लक्ष्मण सिंह हाडा और विशाल सिंह जैसे गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक संकल्प के साथ हुआ, जहाँ शिक्षा को मात्र करियर बनाने का साधन न मानकर राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाने पर बल दिया गया।

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