अजमेर ब्लैकमेल काण्ड मानवता पर बदनुमा दाग है। विधायक संदीप शर्मा ने गुरूवार को विधानसभा में अजमेर ब्लेकमेल काण्ड की पीड़िताओं को पीड़ित प्रतिकर राशि नहीं मिलने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि "अजमेर ब्लेकमेल काण्ड मानवता और सभ्यता पर बदनुमा दाग जैसा है और कोई भी मरहम इस काण्ड की पीड़िताओं के घावों पर मरहम नहीं लगा सकता लेकिन फिर भी पीड़ित प्रतिकर राशि का भुगतान उन्हें होना ही चाहिए।"


विधायक द्वारा पूछे गए मुख्य प्रश्न

विधायक संदीप शर्मा ने प्रश्न में पूछा था कि:

  • क्या यह सही है कि न्यायालय ने वर्ष 1992 के अजमेर ब्लैकमेल कांड में पीड़िताओं को पीड़ित प्रतिकर राशि प्रदान करने के लिए जिला विधि सेवा प्राधिकरण को आदेश जारी किए थे?
  • यदि हां, तो आदेश कब जारी कर कितनी पीड़िताओं को कितनी राशि खातों में जमा की जानी थी और इसके लिए कितनी अवधि निर्धारित की गई थी?

न्यायालय का आदेश और निर्धारित मुआवजा

प्रश्न के उत्तर में बताया गया है कि:

  • विशिष्ट न्यायाधीश, पॉक्सो न्यायालय संख्या-02, अजमेर द्वारा दिनांक 20.08.2024 को निर्णय पारित किया गया।
  • 17 पीड़िताओं के प्रकरण में प्रत्येक को 7,000,00/- रूपये (अक्षरे सात लाख रूपये) मुआवजा राशि दिलवाये जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश पारित किया गया।
  • न्यायालय द्वारा भुगतान की प्रक्रिया को 30 दिवस में संबंधित पीड़िताओं को करने हेतु निर्देशित किया गया था।

प्रतिकर राशि के भुगतान की वर्तमान स्थिति

न्यायालय के आदेशों की पालना में अब तक कुल पीड़िताओं के खाते में जमा राशि का विवरण इस प्रकार है:

  • कुल 17 पीड़िताओं में से अब तक केवल 02 पीड़िताओं को कुल 14,000,00/- रूपये (अक्षरे चौदह लाख रूपये) मुआवजा राशि प्रदान की जा चुकी है।
  • शेष 14 पीड़िताओं को प्रतिकर राशि कुल 98,000,00/- लाख रूपये (अठ्यानवे लाख रूपये) दिया जाना शेष है।
  • उल्लेखनीय है कि 17 में से 1 पीडिता का निधन हो चुका है।

पहचान छिपाकर रह रही पीड़िताओं हेतु किए गए प्रयास

पहचान छिपा कर रहने वाली पीड़िताओं को राशि भुगतान के प्रश्न पर सरकार द्वारा बताया गया कि:

"शेष 14 पीड़िताओं को प्रतिकर राशि कुल 98,000,00/- लाख रूपये (अठ्यानवे लाख रूपये) दिलवाये जाने हेतु संपर्क करने का निरंतर प्रयास किया गया है। शेष पीड़िताओं को उक्त मुआवजा राशि दिलवाये जाने हेतु उनके परिजनों से संपर्क किया गया परन्तु अभी तक पीड़िताओं या उनके परिजनों द्वारा उक्त मुआवजा राशि प्राप्त करने हेतु रुचि लेना प्रकट नहीं हुआ है।"

न्यायालय के आदेश की अनुपालना में आगामी 3 वर्षों तक शेष पीड़िताओं को मुआवजा राशि दिलवाये जाने हेतु प्रयास किये जायेगें तथा यदि कोई पीडिता जिसने मुआवजा राशि प्राप्त नहीं की हो, वह 3 वर्ष की अवधि के बाद भी उक्त राशि प्राप्त करने हेतु इच्छुक हो तो उसे भी नियमानुसार उक्त मुआवजा राशि का भुगतान किया जायेगा।


विधायक की सरकार से मांग

विधायक संदीप शर्मा ने सरकार से मांग की है कि सभी पीड़िताओं के घर जाकर सम्पर्क किया जाए और उनके खातों में पीड़ित प्रतिकर राशि जमा करवाई जाए।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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