कोटा। राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा के शक्तिनगर स्थित शक्तेश्वर पार्क में इन दिनों भक्ति की अविरल गंगा प्रवाहित हो रही है। संगीतमय श्रीरामकथा के चतुर्थ दिवस पर उज्जैन से पधारे सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कथावाचक श्री गौरव कृष्ण तिवारी जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की दिव्य बाल लीलाओं का ऐसा भावपूर्ण चित्रण किया कि समूचा पांडाल अयोध्या धाम के आनंद में सराबोर हो उठा। महाराज श्री ने आध्यात्मिक गहराई के साथ वर्तमान पीढ़ी के लिए संस्कारों की महत्ता पर विशेष बल देते हुए समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया।

कथा के मर्म को समझाते हुए श्री गौरव कृष्ण तिवारी जी महाराज ने कहा कि राजा दशरथ के आंगन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के प्रतीक स्वरूप चारों पुरुषार्थों ने पुत्रों के रूप में जन्म लिया। प्रभु के बाल स्वरूप की मोहकता ऐसी थी कि साक्षात भगवान शिव और काकभुशुंडी जी भी उनके दर्शन की अभिलाषा लेकर अयोध्या की गलियों में पहुंचे। बालक राम की सहज चपलता और माता कौशल्या से चंद्रमा मांगने के प्रसंग ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान कुलगुरु वशिष्ठ जी द्वारा श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जातकर्म व नामकरण संस्कार के शास्त्रीय विधान का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने बताया कि कैसे संस्कारों के माध्यम से जीवन को गढ़ा जाता है।

एक प्रखर वक्ता के रूप में महाराज श्री ने गुरुकुल शिक्षा प्रसंग के माध्यम से आधुनिक माता-पिता को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अभिभावक अपने बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देते हैं और संस्कारों से विमुख रखते हैं, वे अनजाने में अपने बच्चों के शत्रु के समान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आध्यात्मिक, सामाजिक और पारिवारिक शिक्षा देना माता-पिता का परम कर्तव्य है, क्योंकि आज के बच्चे ही कल के राष्ट्र के निर्माता हैं। जब हमारी नई पीढ़ी सुशिक्षित होने के साथ-साथ संस्कारी होगी, तभी एक सशक्त, समृद्ध और श्रेष्ठ राष्ट्र की नींव सुदृढ़ हो सकेगी।

आयोजन की व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए पूर्व पार्षद धीरेन्द्र चौधरी ने बताया कि कथा के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। उन्होंने सूचित किया कि कथा के अगले पड़ाव में रामविवाह का अत्यंत मनोरम प्रसंग सुनाया जाएगा, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। शक्तिनगर में चल रही यह रामकथा प्रतिदिन दोपहर एक बजे से सायं चार बजे तक आयोजित की जा रही है, जहां प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रभु के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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