कोटा में उमड़ेगी श्रद्धा की लहर: गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के 77वें अवतरण महोत्सव पर सजेगा 77 जोड़ों का महामंडल विधान
कोटा में गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी का 77वां अवतरण महोत्सव 19-20 जनवरी को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। तलवंडी जैन मंदिर में 77 जोड़ों द्वारा आदिनाथ मंडल विधान, भव्य महाआरती और जवाहर नगर तक निकलने वाले ऐतिहासिक विहार में देशभर से श्रद्धालु जुटेंगे। आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे इस दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

कोटा। शिक्षा और भक्ति की नगरी कोटा एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रही है। धर्म प्रभावना और आत्मविशुद्धि के अनूठे संगम के रूप में प्रसिद्ध, गणिनी आर्यिका श्री 105 विशुद्धमति माताजी का 77वां अवतरण महोत्सव इस वर्ष ऐतिहासिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा। आगामी 19 और 20 जनवरी को तलवंडी स्थित जैन मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय समारोह न केवल राजस्थान, बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गुरु भक्ति के इस महाकुंभ में जहां 77 जोड़ों द्वारा श्री आदिनाथ मंडल विधान रचा जाएगा, वहीं 77 दीपकों की अलौकिक महाआरती से कोटा का आकाश जगमगा उठेगा।
इस विराट महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए महामंत्री प्रकाश सामरिया ने जानकारी दी कि आयोजन का श्रीगणेश 19 जनवरी की दोपहर तलवंडी धर्मशाला परिसर में होगा। यहां भक्ति भाव से ओत-प्रोत 77 इंद्र-इंद्राणी जोड़े भगवान श्री आदिनाथ के चरणों में अर्घ्य समर्पित कर श्री आदिनाथ मंडल विधान संपन्न करेंगे। जैसे ही संध्या की बेला आएगी, सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा 77 दीपकों से सुसज्जित महाथाल के माध्यम से महाआरती की जाएगी, जो इस उत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण होगी। रात्रि के सन्नाटे को चीरती भजनों की स्वर लहरियां भक्तों को भावविभोर करेंगी, जिसके पश्चात ब्रह्म मुहूर्त में लगभग 4.30 बजे गुरु मां के विशेष मंगल आशीर्वाद का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
प्रचार मंत्री राजकुमार लुहाडिया के अनुसार, 20 जनवरी का सूर्योदय नई आध्यात्मिक चेतना लेकर आएगा। प्रातःकाल गुरु मां की विशेष पूजन एवं आराधना का आयोजन होगा, जिसमें कोटा के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सुदूर क्षेत्रों से आईं महिला मंडल की सदस्याएं और श्रद्धालु सहभागिता करेंगे। महोत्सव का शिखर उस समय देखने को मिलेगा जब दोपहर 12.15 बजे तलवंडी से सत्यार्थ भवन, जवाहर नगर तक माताजी ससंघ का भव्य विहार निकाला जाएगा। यह मंगल विहार नगरवासियों के लिए साक्षात धर्म दर्शन का अवसर होगा, जिसका समापन सत्यार्थ भवन में उल्लासपूर्ण अवतरण समारोह के साथ होगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने बताया कि इस पावन अवसर पर गणिनी आर्यिका श्री 105 विशुद्धमति माताजी के साथ-साथ आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी ससंघ और अनेक त्यागी-व्रती संतों का सानिध्य प्राप्त होगा। 77वें जन्मदिवस के प्रतीक स्वरूप 77 इंद्र-इंद्राणी जोड़ों की सक्रिय सहभागिता इस आयोजन को विशिष्टता प्रदान कर रही है। यह महोत्सव न केवल एक संत का जन्मोत्सव है, बल्कि यह जिनशासन के प्रति अटूट कृतज्ञता और जैन संस्कृति की जीवंतता का प्रतीक है, जो समाज को एकता और संयम के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है।

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