कोटा। शिक्षा की नगरी कोटा के मुकुंद्रविहार स्थित इस्कॉन नंदग्राम धाम में रविवार, 18 जनवरी को भक्ति और समर्पण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था 'श्रील प्रभुपाद आश्रय समारोह' का, जहाँ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक प्रामाणिक गुरु की छत्रछाया में अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया। इस भव्य आयोजन ने न केवल वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, बल्कि भक्तों के लिए आत्म-साक्षात्कार के नए द्वार भी खोल दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रमुग्ध कर देने वाले हरिनाम संकीर्तन के साथ हुई, जिसकी गूँज ने पूरे मंदिर परिसर को दिव्य बना दिया। इस पावन अवसर पर मंदिर के उपाध्यक्ष श्रीमान राधाप्रिय दास प्रभुजी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गुरु की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने अत्यंत गंभीरता के साथ इस बात पर बल दिया कि जिस प्रकार भौतिक जगत की सामान्य प्रगति के लिए भी एक मार्गदर्शक अनिवार्य है, ठीक उसी प्रकार आध्यात्मिक पथ पर बिना गुरु के आगे बढ़ना असंभव है। श्रीमान राधाप्रिय दास जी ने स्पष्ट किया कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल एक शुद्ध भक्त की शरण में जाकर ही पूर्ण हो सकता है, जिससे जीवन में वास्तविक सुख, शांति और आनंद की अनुभूति होती है।

समारोह का मुख्य आकर्षण वह क्षण था जब भक्तों ने श्रील प्रभुपाद के विग्रह के सम्मुख नतमस्तक होकर विभिन्न स्तरों के 'आश्रय' को स्वीकार किया। एक औपचारिक और अनुशासित प्रक्रिया के तहत, सभी दीक्षार्थियों ने अपनी समस्त बुरी आदतों का त्याग करने और जीवन में सद्गुणों को आत्मसात करने की शपथ ली। यह दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी था, जहाँ युवा और बुजुर्ग सभी एक साथ अपनी आध्यात्मिक यात्रा की सुदृढ़ नींव रख रहे थे।

श्रीमान राधाप्रिय दास प्रभुजी ने अपने व्याख्यान में इस बात की गहराई से व्याख्या की कि गुरु केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि वह सेतु है जो जीव को परमात्मा से जोड़ता है। कार्यक्रम के अंतिम चरण में भगवान की भव्य महा आरती उतारी गई, जिसमें उपस्थित भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। इसके पश्चात सभी आगंतुकों ने श्रद्धापूर्वक प्रसादम ग्रहण किया। इस आयोजन में शामिल हुए श्रद्धालुओं ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। इस्कॉन नंदग्राम धाम, कोटा की प्रबंधन समिति ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सेवादारों और भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए आध्यात्मिक प्रगति के इस पथ पर निरंतर अग्रसर रहने का आह्वान किया है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story