अग्रवाल समाज का अनूठा आयोजन — स्वर्ण जयंती दंपतियों ने दोबारा रचाई शादी, फिर सजी हल्दी, मेहंदी और वरमाला की रस्में
कोटा में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा आयोजित अद्वितीय समारोह में वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूरे करने वाले 21 दंपतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पुनः विवाह की रस्में निभाईं। हल्दी, मेहंदी, बारात और वरमाला से सजे इस आयोजन ने संयुक्त परिवार और भारतीय संस्कारों का संदेश दिया।

कोटा,
कोटा शहर का दशहरा मैदान रविवार को एक अनूठे और भावनात्मक दृश्य का साक्षी बना, जब अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की ओर से ऐसे 21 दंपतियों के लिए विशेष समारोह आयोजित किया गया जिन्होंने वैवाहिक जीवन के 50 स्वर्णिम वर्ष पूरे किए थे। इन दंपतियों ने पारंपरिक रस्मों के साथ एक बार फिर से विवाह की विधियां निभाईं — हल्दी, मेहंदी, बैंड-बाजे की धुन पर बारात, और मंच पर वरमाला की अद्भुत रस्म ने माहौल को भावनाओं से भर दिया।
महिला मंडल की अध्यक्ष शमा गुप्ता, महामंत्री स्वाति गर्ग और हेमलता गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन केवल स्मृति का नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी को पारिवारिक मूल्यों और भारतीय परंपरा की प्रेरणा देने का भी माध्यम था। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा वर्ग को यह संदेश देना था कि संयुक्त परिवार भारतीय संस्कृति की पहचान हैं और पति-पत्नी के बीच परस्पर सम्मान व सहयोग से ही जीवन की गाड़ी सुचारु रूप से चलती है।
इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी परमानंद गोयल और प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि समारोह में संस्था के चेयरमैन रामगोपाल अग्रवाल, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष हेमराज जिंदल, जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंघल, महामंत्री रमेश गोयल, हरिप्रसाद अग्रवाल, युवा अध्यक्ष महेन्द्र जैन, महामंत्री लोकेश गुप्ता और संतोष गुप्ता सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
समारोह में मंच पर उपस्थित दंपतियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वैवाहिक जीवन में एक-दूसरे की भावनाओं को समझना, सम्मान देना और छोटे मतभेदों को नजरअंदाज करना ही रिश्तों की मजबूती का आधार है।
युवती अध्यक्ष वर्षा गोयल ने बताया कि अतिथियों ने अपने संबोधन में युवाओं से आह्वान किया कि वे जीवन में धैर्य और समझदारी बनाए रखें तथा बड़े-बुजुर्गों की सलाह को सदैव महत्व दें। संयुक्त परिवार न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक हैं, बल्कि जीवन के हर उतार-चढ़ाव में सहारा भी बनते हैं।
समारोह में वर्षा गोयल, आरती गुप्ता, अदीती मित्तल, ईशा सिंघल, रश्मी गर्ग, दीपिका अग्रवाल, रीना गुप्ता, दीपा मित्तल, हर्षिता अग्रवाल, राखी बंसल, निरूपा अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, मुस्कान, मोनिका बंसल, अभी गर्ग, अनुसूया गोयल, कीर्ति गर्ग, आरती बंसल, अर्पित अग्रवाल और ममता अग्रवाल सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
यह आयोजन केवल पुनर्विवाह का प्रतीक नहीं, बल्कि उन मूल्यों का उत्सव था जो भारतीय संस्कृति को जीवित रखते हैं — प्रेम, समर्पण और परिवार की एकता।
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Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
