कोटा। राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर 'शिक्षा नगरी' कोटा अब अपनी एक नई और रोमांचक पहचान दर्ज कराने जा रहा है। प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव उत्साही लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में जल्द ही बाघों के दीदार के लिए सफारी शुरू होने वाली है, जिससे हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन में एक क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। चंबल की लहरों पर नौकायन का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए भी राहत की खबर है, क्योंकि सफारी की संशोधित और रियायती दरें जल्द ही लागू होने वाली हैं।

इस महत्वपूर्ण विकास क्रम को लेकर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक (DCF) एस मुथु से मुलाकात की। वार्ता के दौरान यह तथ्य उभरकर आया कि कोटा अब केवल कोचिंग हब नहीं रहा, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी उभर रहा है। पिछले दस दिनों में इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद और जयपुर जैसे बड़े शहरों से पर्यटकों के कई समूह कोटा पहुंचे हैं। ये पर्यटक वर्तमान में मुकुंदरा सफारी, चंबल वोटिंग, सुप्रसिद्ध गरड़िया महादेव, गढ़ पैलेस, चंबल रिवर फ्रंट, सेवन वंडर, आभेड़ा महल और सिटी पार्क जैसे स्थानों का दो-दिवसीय भ्रमण कर रहे हैं।

फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी और सचिव कोशल बंसल ने चर्चा के दौरान जोर दिया कि मुकुंदरा के कोर एरिया में सफारी शुरू करना और चंबल सफारी की दरों को युक्तिसंगत बनाना समय की मांग है। उन्होंने मांग की कि चंबल सफारी की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए, ताकि देश-दुनिया से आने वाले टूर ऑपरेटरों और पर्यटकों को टिकटों के लिए किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, मुकुंदरा में बाघों के कुनबे को बढ़ाने के लिए प्रस्तावित मादा बाघिन को लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह भी किया गया।

उपवन संरक्षक एस मुथु ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए बताया कि मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में सफारी शुरू करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है, जिसे जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी पुख्ता किया कि फरवरी माह में एक मादा बाघिन का मुकुंदरा आना निश्चित है, जिससे यहाँ बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। सफारी के अनुभव को सुगम बनाने के लिए नए सफारी कंटेनरों की उपलब्धता और उनके पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी काम चल रहा है।

अशोक माहेश्वरी और कोशल बंसल ने हाल ही में आयोजित 'कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट' के दौरान पर्यटकों को मुकुंदरा, चंबल सफारी और गरड़िया महादेव का नि:शुल्क भ्रमण करवाने में सहयोग के लिए उपवन संरक्षक एस मुथु का आभार व्यक्त किया। प्रशासन के इन प्रयासों और होटल फेडरेशन की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि कोटा आने वाले समय में राजस्थान के पर्यटन का एक मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा, जहाँ वन्यजीव और जल पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

Updated On
Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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