कोटा। पुण्योदय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का एक अद्वितीय पर्व आयोजित हुआ, जिसने क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक जीवन में नया इतिहास रचा। इस अवसर पर क्षेत्र के महामंत्री महेंद्र कासलीवाल ने बताया कि सतयुगी संत, अध्यात्म शिरोमणी, परम पूज्य आचार्य विधासागर जी महाराज के परम प्रभावशाली शिष्य, तीर्थं चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से यह समारोह सम्पन्न हुआ।

इस ऐतिहासिक आयोजन में पुण्योदय क्षेत्र के बड़े बाबा श्री 1008 आदिनाथ भगवान के सम्मुख क्षेत्र के अध्यक्ष जम्बू जी सराफ और श्रीमती अर्चना दुगेरिया सर्राफ के सुपुत्र, दिव्यांश जैन ने चक्रवर्ती विवाह के विधि विधान के अनुसार अपनी जीवन संगिनी मुस्कान जैन सुपत्री संगीता जैन के साथ परिणय बंधन स्वीकार किया। विवाह से पूर्व आयोजित सुधा गुरु के नाम की भक्ति संध्या में श्रद्धालु भावविभोर होकर देव शास्त्र गुरु का गुणगान एवं आशीर्वाद प्राप्त कर सके।

संपूर्ण मांगलिक क्रियाओं का आयोजन स्नातक सिंगर सौरभ सिद्धार्थ, कोटा द्वारा गुरुजी के आशीर्वाद से सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर भक्तजन, शुभचिंतक और परिवार सहित समस्त जैन समाज ने दिव्यांश और मुस्कान को वर-वधू के रूप में मंगल आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दी।

धर्मचंद जैन धान्योपा ने बताया कि इस पावन अवसर पर दुगेरिया परिवार ने पुण्योदय क्षेत्र एवं बसंत विहार मंदिर को दान देकर धार्मिक संस्कारों को पुनर्जीवित करने एवं धर्म की प्रभावना बढ़ाने का उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रकार यह समारोह न केवल एक पारिवारिक आनंद का अवसर बना, बल्कि सामाजिक और धार्मिक एकजुटता का प्रतीक भी रहा।

Pratahkal Bureau

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