राज्य सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के अवसर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में कोटा से एक सशक्त संदेश दिया गया। शनिवार को शहर के शहीद स्मारक परिसर से 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो 25 दिसंबर तक प्रदेशभर में संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि जन-जन में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है।

अभियान का शुभारंभ जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, कोटा सड़क सुरक्षा समिति और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, अतिरिक्त जिला कलेक्टर कृष्णा शुक्ला एवं अनिल सिंघल उपस्थित रहे। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। “नो हेलमेट–नो एंट्री” और “नो सीट बेल्ट–नो एंट्री” जैसे सशक्त संदेशों को सभी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शित किए जाने का निर्णय लिया गया, ताकि नियमों का पालन एक व्यवहारिक संस्कृति का हिस्सा बन सके। इसके साथ ही जागरूकता संदेशों वाले गुब्बारे उड़ाकर अभियान का प्रतीकात्मक शुभारंभ किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है और सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकती है। उन्होंने अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों के निर्वहन पर बल देते हुए कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपाय केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के साधन हैं। उन्होंने आमजन से यातायात नियमों को आत्मसात करने की अपील की।

इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सड़क सुरक्षा समिति के उप सचिव भुवनेश गुप्ता एवं एनआईसी के कार्मिक दिव्यराज को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने अभियान को प्रेरक आयाम प्रदान किया और अन्य कार्मिकों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत ऑटो रैली निकाली गई, विशेष योग्यजनों को हेलमेट वितरित किए गए तथा सड़क सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ट्रैफिक नियमों से जुड़ी जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संवाद और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया गया।

प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि कोटा शहर में चिन्हित किए गए कई ब्लैक स्पॉट्स पर जिला सड़क सुरक्षा समिति की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण कर सुधारात्मक कदम उठाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 20 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में करीब 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

सड़क सुरक्षा समिति के उप सचिव भुवनेश गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कार्यालयों में प्रवेश उन्हीं लोगों को मिले जो हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग कर रहे हों। नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित करने के बजाय पहले समझाइश देकर प्रेरित किया जाएगा, ताकि व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाया जा सके।

कार्यक्रम में अतिरिक्त आरटीओ राजीव त्यागी, डीटीओ सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित, ट्रैफिक इंस्पेक्टर पूरण सिंह मीणा, इंस्पेक्टर अवधेश सिंह, गिरधारी लाल मीणा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, कोटा सड़क सुरक्षा समिति के कोषाध्यक्ष अशोक गुप्ता, सदस्यगण, नर्सिंग छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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