72वां अखिल भारतीय सहकार सप्ताह सम्पन्न: कोटा में सहकारिता आंदोलन पर गहन मंथन
कोटा में आयोजित 72वें अखिल भारतीय सहकार सप्ताह का सफल समापन हुआ, जिसमें सहकारिता आंदोलन की प्रासंगिकता, आधुनिक तकनीक आधारित सहकारी मॉडल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि राजेशकृष्ण बिरला ने सहकार सिद्धांतों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग बताया। आयोजन में अनेक सहकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

कोटा। आत्मनिर्भर भारत और विकसित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहकारिता की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए, कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार में 72वां अखिल भारतीय सहकार सप्ताह 14 से 20 नवंबर 2025 तक उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान सहकारिता आंदोलन की वर्तमान प्रासंगिकता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए नवाचारी सहकारी व्यवसाय मॉडल और ग्रामीण विकास में सहकारी संस्थाओं के योगदान पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नागरिक बैंक अध्यक्ष एवं रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट प्रेसीडेंट राजेशकृष्ण बिरला उपस्थित रहे, जबकि उपभोक्ता होलसेल भण्डार के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। महाप्रबंधक बीना बैरवा सहित संस्थान के पदाधिकारी और जिला स्तर के सहकारी एवं प्रशासनिक प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
मुख्य अतिथि राजेशकृष्ण बिरला ने सहकार मॉडल को ग्रामीण विकास की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि आत्म सहायता, आत्मनिर्भरता, लोकतंत्र, समानता, समता और एकजुटता—ये सहकारिता के सिद्धांत किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थायी विकास सुनिश्चित होगा।
अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला ने सहकारी समितियों की पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही और सामूहिक विकास के मूल्यों को उनकी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि— “कोऑपरेटिव व्हीकल इज अमृत फॉर भारत”—यह केवल विचार नहीं, बल्कि इसे धरातल पर व्यापक रूप से लागू करना समय की जरूरत है।
महाप्रबंधक बीना बैरवा ने अपने संबोधन में तकनीकी नवाचार और डिजिटल पारदर्शिता को सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रबंधन प्रणाली के साथ सहकार सिद्धांतों को अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुँचाकर ही उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समिति कोटा खण्ड एवं एम.डी., सी.सी.सी.बी. बलविन्दर सिंह गिल, उप रजिस्ट्रार राजेश मीणा तथा अन्य अधिकारियों ने सहकारी समितियों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट) और ONDC (ओपन नेटवर्क फ़ॉर डिजिटल कॉमर्स) से जोड़कर ग्रामीण उत्पादों को बड़े बाजार दिलाने की पहल को विकसित भारत 2047 का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
सहकार सप्ताह के समापन के साथ यह संकल्प दोहराया गया कि सहकारी आंदोलन के जरिए किसान और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त कर देश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाएगा।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
