विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बना चुके मोशन एजुकेशन ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण दिया है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी) द्वारा 22 और 23 नवंबर को आयोजित नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन (एनएसई) के परिणामों में मोशन एजुकेशन के कोटा सेंटर के 49 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय में उत्साह और गर्व का माहौल पैदा कर दिया।

परिणाम घोषित होने के बाद गुरुवार को मोशन एजुकेशन के द्रोणा-2 कैंपस में जश्न का आयोजन किया गया, जहां चयनित विद्यार्थियों और फैकल्टी ने केक काटकर इस सफलता को साझा किया। इस अवसर पर मोशन के ज्वाइंट डायरेक्टर रामरतन द्विवेदी, डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव, सीनियर फैकल्टी दीपक जोशी, फिजिक्स डिपार्टमेंट के एचओडी चंद्रशेखर शर्मा, फाउंडेशन डिवीजन के अकादमिक हेड मुकेश गौड़ और टैलेंट नर्चर टीम लीड चितरंजन जैन उपस्थित रहे। चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे संस्थान परिसर में उत्साह का वातावरण और अधिक प्रबल हो गया।

एनएसई में चयनित विद्यार्थियों में आयुष उत्सव, प्रियांश भारद्वाज, आयुष आनंद और सार्थकपति ने विशेष रूप से शानदार स्कोर कर संस्थान का नाम रोशन किया। इन विद्यार्थियों की सफलता को उनकी निरंतर मेहनत और सुदृढ़ अकादमिक तैयारी का परिणाम माना जा रहा है।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं सीईओ नितिन विजय ने बताया कि नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन भारतीय विज्ञान ओलंपियाड का पहला चरण है, जो भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, खगोल विज्ञान और जूनियर साइंस जैसे विषयों में प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करता है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय राष्ट्रीय ओलंपियाड और आगे अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड तक पहुंचने का अवसर प्राप्त करते हैं। उन्होंने इसे वैज्ञानिक प्रतिभा के चयन और संवर्धन का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बताया।

संस्थान प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, फैकल्टी के सुनियोजित मार्गदर्शन और नियमित टेस्ट एवं प्रैक्टिस सिस्टम को दिया। ज्वाइंट डायरेक्टर रामरतन द्विवेदी ने कहा कि एनएसई में चयन केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं है, बल्कि यह छात्रों की वैज्ञानिक सोच और कॉन्सेप्ट-बेस्ड लर्निंग की ठोस पुष्टि है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अब अगला लक्ष्य भारतीय राष्ट्रीय ओलंपियाड में अधिक से अधिक चयन सुनिश्चित करना है, जिसके लिए विशेष वर्कशॉप और मेंटरिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि एनएसई का सिलेबस कक्षा 11 और 12 के पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित होता है। इस कारण यह परीक्षा न केवल विज्ञान ओलंपियाड की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीढ़ी मानी जाती है, बल्कि जेईई और नीट जैसी इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी बेहद उपयोगी है। कई छात्रों ने बताया कि एनएसई ने उन्हें कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और टाइम मैनेजमेंट को वास्तविक स्तर पर परखने का अवसर दिया। मोशन एजुकेशन की यह उपलब्धि कोटा को एक बार फिर देश की अग्रणी शिक्षा नगरी के रूप में स्थापित करती है।

Pratahkal Bureau

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