यमगे गांव में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान; ग्रामसेविकाओं को लगाई फटकार
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तालुका स्थित यमगे गांव में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को लेकर विभाग अलर्ट है। वरिष्ठ अधिकारियों ने गांव का दौरा कर स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की और लापरवाही की शिकायतों पर ग्रामसेविकाओं को फटकार लगाई।

कोल्हापुर के यमगे गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा करते अधिकारी。
कोल्हापुर जिले के कागल तालुका स्थित यमगे गांव में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने तत्काल दौरा किया। ग्राम पंचायत कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों और स्थानीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित कर गांव की मौजूदा स्थिति, स्वच्छता व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी उपायों की समीक्षा की गई।
बैठक में गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आईं। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामसेविकाओं को कड़ी फटकार लगाई। अधिकारियों ने गांव में स्वच्छता बनाए रखने, आसपास जमा पानी की समस्या पर ध्यान देने और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा कि बुखार, शरीर में दर्द या किसी अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार के भरोसे नहीं रहें और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। घर के आसपास और सार्वजनिक परिसर में पानी जमा न होने दें, साफ-सफाई बनाए रखें और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने गांव की स्थिति का निरीक्षण किया और आवश्यक उपायों को लेकर चर्चा की। गांव में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत और नागरिकों के बीच समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध पिंपळे, डॉ. रेवडेकर, डॉ. रणवीर, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सौरभ शिंदे, मेडिकल ऑफिसर डॉ. निहाल शेख, उपसभापति इंद्रजीत पाटील, सदस्य रुपाली आंगज, पिंपलगांव स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी, यमगे स्वास्थ्य केंद्र की अधिकारी डॉ. रुपाली लोकरे, आशा स्वयंसेविकाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
गांव में स्वच्छता व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की निगरानी को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की इस सक्रियता के बाद अब स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत और स्थानीय नागरिकों के समन्वय से स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक उपाय लागू करने पर जोर है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
