तुलजापुर में दर्शन के लिए गए निढोरी के क्रूजर चालक की हार्ट अटैक से मौत, परिवार में शोक
महाराष्ट्र के तुलजापुर में दर्शन के लिए गए निढोरी निवासी 46 वर्षीय क्रूजर चालक युवराज उर्फ देवानंद पाटिल की वाहन पार्किंग में खड़ा करने के बाद दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सरकारी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया।

महाराष्ट्र के तुलजापुर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लेकर गए निढोरी (तहसील कागल) निवासी क्रूजर चालक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वाहन पार्किंग में खड़ा करने के बाद उन्हें गाड़ी में ही दिल का तेज दौरा पड़ा। मृतक की पहचान युवराज उर्फ देवानंद सातापा पाटिल (उम्र 46 वर्ष) के रूप में हुई है। उनके आकस्मिक निधन से निढोरी क्षेत्र में शोक की लहर है।
यमगे के श्रद्धालुओं को लेकर युवराज पाटिल कल तड़के क्रूजर वाहन से तुलजापुर यात्रा के लिए रवाना हुए थे। पंढरपुर से तुलजापुर पहुंचने के बाद उन्होंने अपना वाहन पार्किंग में खड़ा किया। इसी दौरान गाड़ी में बैठे हुए उन्हें दिल का तेज दौरा पड़ा।
घटना के बाद उन्हें तुरंत तुलजापुर के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। हालांकि, उपचार शुरू होने से पहले ही चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
आज सुबह उनका पार्थिव शरीर निढोरी लाया गया, जहां शोकाकुल माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। युवराज उर्फ देवानंद पाटिल निढोरी स्थित श्री भैरवनाथ विकास सेवा संस्था के वर्तमान संचालक थे।
यह घटना वाहन चलाते समय नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कुछ महीने पहले ही उनके पिता का निधन हुआ था। अब युवराज पाटिल के अचानक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके निधन से पूरे निढोरी क्षेत्र में शोक व्यक्त किया जा रहा है।
उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा, एक बेटी, बहन, भतीजा और भाभी हैं। उनका रक्षाविसर्जन रविवार, 8 तारीख को सुबह 8:30 बजे निढोरी में होगा।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
