लोकनेते सदाशिवराव मंडलिक की 92वीं जयंती के अवसर पर मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में आयोजित रजत जयंती राज्यस्तरीय वक्तृत्व प्रतियोगिता में सांगली के श्रीमती मथुबाई गरवारे कन्या महाविद्यालय की छात्रा प्रज्ञा श्रीकांत मालकर ने प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें 10 हजार 1 रुपये नकद, सदाशिवराव मंडलिक चषक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में राज्यभर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता में गडहिंग्लज के डी. के. शिंदे महाविद्यालय की छात्रा अमृता पांडुरंग सागर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उन्हें 7 हजार 1 रुपये नकद, चषक और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। रत्नागिरी जिले के लांजा स्थित एम. के. एस. व्ही. महाविद्यालय की छात्रा सानिया उदय यादव तृतीय स्थान पर रहीं। उन्हें 5 हजार 1 रुपये नकद, चषक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुंबई विश्वविद्यालय के छात्र अभय कृष्णकांत आलशी ने चौथा स्थान हासिल किया। उन्हें 3 हजार 1 रुपये नकद, चषक और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

प्रोत्साहन पुरस्कारों में कोल्हापुर के न्यू कॉलेज की छात्रा श्रुति राजू कुरणे, गडहिंग्लज के संत गजानन महाराज इंजीनियरिंग महाविद्यालय की छात्रा समीक्षा आनंदा पाटील, पुणे के जेधे महाविद्यालय के छात्र अनिकेत रामा वानारे, इचलकरंजी के डी. के. टी. ई. महाविद्यालय की छात्रा ऋतुजा सतीश पोवार और पुणे के वारजे स्थित कला, वाणिज्य महाविद्यालय के छात्र नितीन जगन्नाथ गागरे ने सफलता हासिल की। प्रत्येक विजेता को एक हजार रुपये नकद, चषक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

पुरस्कार वितरण समारोह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के हाथों विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रा. दत्ता देशपांडे, प्रा. माधव भोसले और डॉ. महेश कदम ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में प्रा. पांडुरंग सारंग, राजर्षि शाहू नागरी सहकारी पतसंस्था के प्रबंधक ज्ञानदेव पाटील, जय शिवराय सहकारी दूध संस्था के संचालक लक्ष्मण सुतार और पतसंस्था के संचालक श्री भोई सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रतियोगिता के आयोजन के लिए जय शिवराय एजुकेशन सोसायटी के सचिव एवं पूर्व सांसद प्रा. संजयदादा मंडलिक, संस्था के कार्याध्यक्ष एड. वीरेंद्रभैय्या मंडलिक, अध्यक्ष गजाननराव गंगापुरे और कार्यवाह आण्णासाहेब थोरवत का मार्गदर्शन मिला।

प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करने के लिए प्राचार्य डॉ. अद्वैत जोशी, महात्मा फुले दूध संस्था, चिमगांव, जय शिवराय एजुकेशन सोसायटी सर्व्हंट्स को-ऑपरेटिव्ह सोसायटी, मुरगूड, राजर्षि शाहू नागरी सहकारी पतसंस्था, मुरगूड, जय शिवराय सहकारी दूध संस्था, मुरगूड, कै. महादेव होडगे सार्वजनिक वाचनालय, हरळी बुद्रुक के साथ ही प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे, प्रा. पांडुरंग सारंग, प्रा. तानाजी सातपुते, डॉ. सुखदेव एकल और प्राचार्य डॉ. टी. एम. पाटील ने सहयोग किया।

कार्यक्रम का स्वागत और प्रस्तावना प्रा. नितेश रायकर ने की। प्रा. सुशांत पाटील और प्रा. संजय हेरवाडे ने मंच संचालन किया, जबकि प्रा. दादासाहेब सरदेसाई ने आभार व्यक्त किए।

प्रतियोगिता के समय प्रबंधन की जिम्मेदारी प्रा. दिगंबर गोरे और प्रा. सुशांत पाटील ने संभाली। पंजीकरण का कार्य प्रा. राकेश माने, प्रा. आशिष घाडगे और प्रा. नुतन बिरंबोळे ने किया। प्रतियोगिता का संयोजन प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे, संयोजन समिति प्रमुख डॉ. सुखदेव एकल, प्रा. नितेश रायकर और समिति के सदस्यों ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, प्रशासनिक कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के रजत जयंती वर्ष में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी और विजेताओं का सम्मान आयोजन के प्रमुख पहलू रहे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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