मुरगूड शहर के वरिष्ठ नागरिक संघ की ओर से डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती और वाचन प्रेरणा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके वैज्ञानिक योगदान और राष्ट्र के विकास में भूमिका को याद किया गया। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पूर्व प्राचार्य पी. डी. मगदूम ने कहा कि डॉ. कलाम के वैज्ञानिक कार्यों ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में मदद की। आदर्श राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने निस्वार्थ भाव से देश के विकास में योगदान दिया।


मुरगूड शहर वरिष्ठ नागरिक संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पूर्व प्राचार्य पी. डी. मगदूम ने की। इस अवसर पर संघ के सचिव सखाराम सावर्डेकर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान शिवचरण उज्जैनकर फाउंडेशन, मुक्ताईनगर, जिला जलगांव की ओर से राष्ट्रीय उत्कृष्ट समाजसेवा पुरस्कार प्राप्त वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी, राष्ट्रीय उत्कृष्ट पत्रकार पुरस्कार प्राप्त प्रा. रवींद्र शिंदे और राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय वॉलीबॉल खिलाड़ियों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व प्राचार्य महादेव कारकेकर को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ नागरिक संघ की ओर से तीनों को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान दिया गया।

सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी ने कहा, “मुरगूड शहर वरिष्ठ नागरिक संघ हमारे लिए एक परिवार है। विभिन्न पुरस्कारों और सम्मानों की तुलना में अपने परिवार में मिला यह सम्मान अधिक मूल्यवान है। वरिष्ठजनों का आशीर्वाद और समर्थन आगे के सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरणा और उत्साह प्रदान करता है।”

सूर्यवंशी ने कहा कि डॉ. कलाम का कार्य पूरी दुनिया को दिशा देने वाला है और उनके वैज्ञानिक योगदान के कारण भारत ने वैश्विक प्रगति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब वाचन संस्कृति का ह्रास हो रहा है, ऐसे में वरिष्ठ नागरिक संघ का वाचन कट्टा समाज में पढ़ने की रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर वॉलीबॉल प्रशिक्षक एवं पूर्व प्राचार्य महादेव कारकेकर और प्रा. रवींद्र शिंदे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रतिमा के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुई। जयवंत हावळ ने स्वागत किया, जबकि अशोक डवरी ने प्रस्तावना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन एम. टी. सामंत ने किया और सखाराम सावर्डेकर ने आभार व्यक्त किया।

इस दौरान सदाशिव एकल, दादू बरकाळे, तानाजी डवरी, सुरेश दरेकर, के. एल. पाटील, सिकंदर जमादार, प्रदीप वर्णे, सदाशिव यादव, रामचंद्र रनवरे, तुकाराम भारमल, गणपती शिरसेकर, पांडुरंग मेंडके, बाबूराव कापसे और रणजितसिंह सासणे सहित संघ के सदस्य एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. कलाम के वैज्ञानिक योगदान को याद करने के साथ ही समाजसेवा, पत्रकारिता और खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली तीन हस्तियों का सम्मान किया गया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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