महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के मुरगूड शहर में गन्ने के उचित दाम की मांग को लेकर किसानों ने एकजुट होकर आंदोलन का रुख अपना लिया है। किसानों ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि जब तक गन्ने का संतोषजनक भाव नहीं मिलता, तब तक वे गन्ने की कटाई की अनुमति नहीं देंगे। इसके साथ ही किसानों ने स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी के नेतृत्व को मजबूती से समर्थन देने का भी फैसला किया है।

मुरगूड स्थित ग्रामदेवता अंबाबाई मंदिर परिसर में आयोजित किसान सभा में यह संकल्प लिया गया। सभा में सैकड़ों किसान शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने एकजुट होकर शपथ ली कि गन्ने का उचित मूल्य मिलने तक वे गन्ने की कटाई नहीं होने देंगे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर संगठित संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।

सभा में कई किसानों ने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं और मौजूदा परिस्थितियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गन्ने की खेती की बढ़ती लागत, कृषि क्षेत्र के सामने खड़े आर्थिक संकट और गन्ने का अपर्याप्त मूल्य मिलने के कारण किसान मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। किसानों ने अपने परिश्रम का उचित मुआवजा सुनिश्चित करने और गन्ना मूल्य का मुद्दा सुलझाने के लिए सामूहिक रूप से संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस सभा में कॉमरेड अशोक चौगले, समाधान हेंदळकर, आनंदा कदम, शशिकांत चौगले, गजानन मोरबाळे, नामदेवराव भराडे, संदीप भारमल, गजानन साळोखे, राणोजी गोधडे, रामचंद्र चौगले, रामचंद्र सातवेकर, पांडुरंग रावण, राजाराम भोसले, संतोष भोसले, मारुति चौगले, पांडुरंग चौगले, पुंडलिक मेंडके, अमोल मेटकर, सुहास दरेकर और सचिन भारमल सहित मुरगूड शहर के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

गन्ने के उचित मूल्य की मांग को लेकर मुरगूड के किसानों की एकजुटता और संतोषजनक दर मिलने तक गन्ने की कटाई रोकने के फैसले से स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के आंदोलन को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलने के संकेत हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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