महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के आजरा तालुका स्थित मुमेवाड़ी की प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों ने पुस्तकीय शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने का अनूठा अनुभव लिया। ‘आनंददायी शनिवार’ उपक्रम के तहत आयोजित आठवड़ी बाजार में विद्यार्थियों ने स्वयं विक्रेता बनकर विभिन्न खाद्य पदार्थों और वस्तुओं की बिक्री की। इस बाजार में ग्रामस्थों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला और महज दो घंटे में 5 हजार रुपये का कारोबार हुआ।

विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ दैनिक जीवन में काम आने वाला व्यवहारज्ञान देना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उनमें उद्यमिता की समझ विकसित करना इस उपक्रम का उद्देश्य था। बाजार में विद्यार्थियों ने खेतों में उगाई गई मिर्च, नींबू, छाछ, नाचणी की आंबिल, मसाला दूध, कटलेट और अळूवडी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों और वस्तुओं के स्टॉल लगाए थे। आकर्षक सूचना पट्टों ने बाजार की रौनक बढ़ाई। इसके साथ ही विभिन्न विषयों पर जानकारी देने वाले फलक लगाकर विद्यार्थियों ने जनजागृति का संदेश भी दिया।

बाजार में विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष रूप से विक्रेताओं की भूमिका निभाई। उन्होंने ग्राहकों से संवाद करने, पैसों का लेन-देन करने, कारोबार का हिसाब रखने और बिक्री से प्राप्त राशि का प्रबंधन करने जैसी गतिविधियों का अनुभव लिया। इस प्रक्रिया से उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक जीवन में गणित और आर्थिक व्यवहार को समझने का अवसर मिला।

पुस्तकीय ज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ने वाले इस उपक्रम ने विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा दिया। साथ ही, स्कूली शिक्षा को अधिक आनंददायी और अनुभव आधारित बनाने की दिशा में यह पहल उपयोगी साबित हुई।

इस अवसर पर केंद्र प्रमुख श्रीनाथ पाटील, मुख्याध्यापिका लता पाटील, पूनम पाटील, जेजू दियास, अंजना जाधव, शाला व्यवस्थापन समिति के सदस्य और ग्रामस्थ उपस्थित थे। ग्रामस्थों ने बाजार का दौरा कर विद्यार्थियों के प्रयासों को प्रोत्साहित किया।

मुमेवाड़ी की प्राथमिक शाला में ‘आनंददायी शनिवार’ उपक्रम के तहत आयोजित आठवड़ी बाजार में विद्यार्थियों ने खाद्य पदार्थों और विभिन्न वस्तुओं की बिक्री कर व्यावहारिक शिक्षा का अनुभव प्राप्त किया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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