मिशन सुधार पर रोक लगाने की मांग, राशन लाभार्थियों के नाम न काटे जाएं; हसन मुश्रीफ ने CM से चर्चा का दिया भरोसा
महाराष्ट्र में ‘मिशन सुधार’ अभियान के तहत राशन लाभार्थियों के नाम हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। कोल्हापुर के राशन दुकानदार महासंघ ने मंत्री हसन मुश्रीफ को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप की मांग की है।

महाराष्ट्र में दुष्काल जैसी स्थिति, बढ़ती महंगाई और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे गरीब परिवारों को राशन के लाभ से वंचित किए जाने का मुद्दा गरमा गया है। पात्र लाभार्थियों के नाम राशन सूची से हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करते हुए जिला उचित मूल्य अनाज दुकानदार एवं केरोसिन लाइसेंसधारक महासंघ ने ‘मिशन सुधार’ अभियान को अस्थायी रूप से स्थगित करने की मांग की है। इस संबंध में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ को ज्ञापन सौंपा।
मंत्री हसन मुश्रीफ ने इस मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर कार्रवाई पर स्थगन दिलाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने इसकी जानकारी दी।
महासंघ ने ज्ञापन में कहा कि राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाला राशन गरीब परिवारों के लिए बड़ा सहारा बना हुआ है। हालांकि, तकनीकी खामियों, दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं और सत्यापन प्रक्रिया में सामने आ रही त्रुटियों के कारण पात्र लाभार्थियों के नाम राशन सूची से हटाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके चलते कई परिवार अपने अधिकार के अनाज से वंचित हो रहे हैं।
महासंघ ने ‘मिशन सुधार’ अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे कुछ समय के लिए स्थगित रखने की मांग की। साथ ही उचित सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों के नाम दोबारा सूची में शामिल करने और नए पात्र लाभार्थियों को भी राशन का लाभ देने की मांग उठाई।
इसके अलावा उचित मूल्य अनाज दुकानदारों की लंबे समय से लंबित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान करने की मांग भी महासंघ के जिला अध्यक्ष डॉ. रवींद्र मोरे ने की।
इस दौरान अध्यक्ष संदीप लाटकर, उपाध्यक्ष संतोष सांगले, सचिव साताप्पा शेनवी, जयवंत निकम, अरविंद दंडवते, पांडुरंग निकम, सुभाष कांबले, दिलीप पाटील, पंडित पाटील, विष्णु पावले, संजय पाटील, रमेश खंदारे, नामदेव खतकर और ओंकार चौगुले सहित अन्य उपस्थित थे।
महासंघ की प्रमुख मांग है कि सत्यापन प्रक्रिया में तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं के कारण वास्तविक पात्र परिवारों का राशन बंद न हो। अब इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ प्रस्तावित चर्चा और मंत्री हसन मुश्रीफ के आश्वासन पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
