मुरगूड के मंडलिक कुश्ती संकुल की महिला पहलवानों का धमाकेदार प्रदर्शन, 8 खिलाड़ियों ने जीते 8 पदक
महाराष्ट्र के खोपोली में आयोजित राज्यस्तरीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में मुरगूड के मंडलिक कुश्ती संकुल की आठ महिला पहलवानों ने दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते। वैष्णवी पाटील और भार्गवी सटाले ने स्वर्ण पदक हासिल कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता की ओर कदम बढ़ाए।

खोपोली में आयोजित राज्यस्तरीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद ट्रॉफी के साथ नजर आईं मुरगूड संकुल की महिला पहलवान।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खोपोली में आयोजित 14 और 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की महिला राज्यस्तरीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में लोकनेते सदाशिवराव मंडलिक राष्ट्रीय (SAI) कुश्ती संकुल, मुरगूड की महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया। संकुल की आठों खिलाड़ियों ने पदक जीतकर दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य सहित कुल आठ पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि से कोल्हापुर संभाग के समग्र विजेता बनने में महत्वपूर्ण योगदान मिला और मुरगूड के खेल क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ी।
इस प्रतियोगिता में वैष्णवी बसवराज पाटील ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में, जबकि भार्गवी अभिजीत सटाले ने 76 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। गायत्री रणजीत सोनेत ने 57 किलोग्राम और साक्षी रवींद्र नेर्लेकर ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। वहीं, मानसी बसवराज बिराजदार ने 53 किलोग्राम, आकांक्षा अंकुश गुरव ने 62 किलोग्राम, तनया अमोल देवळे ने 68 किलोग्राम और राजनंदिनी स्वप्निल शिंदे ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीते।
विशेष बात यह रही कि इन आठ खिलाड़ियों में से छह पहली बार राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हुई थीं। राज्यस्तरीय मुकाबलों के अनुभव की कमी, प्रतिद्वंद्वियों की चुनौती और मैचों के दौरान मानसिक दबाव के बावजूद उन्होंने पदक जीतने में सफलता हासिल की। इन नवोदित पहलवानों के प्रदर्शन में उनकी मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रशिक्षण के प्रति निरंतरता दिखाई दी।
स्वर्ण पदक विजेता वैष्णवी पाटील और भार्गवी सटाले के प्रदर्शन की विशेष सराहना हो रही है। वैष्णवी ने पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचने का अवसर हासिल कर अपनी प्रतिभा साबित की। दोनों स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों की सफलता से कुश्ती संकुल की आगामी उपलब्धियों को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
अंतरराष्ट्रीय कुश्ती मार्गदर्शक दादासो लवटे, एनआईएस कुश्ती प्रशिक्षक नंदिनी साळोखे और दयानंद खतकर के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने यह सफलता हासिल की। बताया गया कि प्रशिक्षकों के अनुशासित प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और अथक मेहनत से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
इस उपलब्धि पर विजयमाला मंडलिक गर्ल्स हाईस्कूल तथा शिवराज विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज, मुरगूड की खिलाड़ी छात्राओं का प्राचार्यों, खेल शिक्षकों और मुख्याध्यापिकाओं ने अभिनंदन किया।
मंडलिक कुश्ती संकुल के प्रमुख एवं पूर्व सांसद संजयदादा मंडलिक, कार्याध्यक्ष एडवोकेट विरेंद्र भैय्या मंडलिक, कार्यवाह आण्णासो थोरवत, SAI के पूर्व राज्य चंद्रकांत चव्हाण, आबकारी विभाग के पूर्व उपायुक्त सुनील चव्हाण और डॉ. प्रशांत अथनी ने भी पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की विशेष सराहना की तथा उन्हें आगे की उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंडलिक कुश्ती संकुल की इन नवोदित महिला पहलवानों ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि मेहनत, दृढ़ संकल्प और उचित मार्गदर्शन के बल पर राज्यस्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है। आठ खिलाड़ियों द्वारा आठ पदक जीतने की इस उपलब्धि से मुरगूड के कुश्ती क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
