कोल्हापुर: शिवाजी विवि में अश्वमेध खेल महोत्सव पर विवाद, ₹10 करोड़ शाहू महाराज स्मारक को देने की मांग
सूखे की आशंका के बीच युवासेना और शिवसेना (UBT) ने महोत्सव रद्द कर ₹10 करोड़ का फंड राजर्षि शाहू महाराज स्मारक निर्माण में लगाने के लिए कुलगुरु को ज्ञापन सौंपा।

अश्वमेध खेल महोत्सव रद्द कर फंड स्मारक को देने के लिए विवि कुलगुरु को ज्ञापन सौंपते युवासेना नेता।
कोल्हापुर में सूखे की आशंका के बीच शिवाजी विश्वविद्यालय में प्रस्तावित अश्वमेध 2026 खेल महोत्सव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। युवासेना और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पदाधिकारियों ने महोत्सव रद्द कर इसके लिए प्रस्तावित करीब 10 करोड़ रुपये का फंड राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के स्मारक निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलगुरु को ज्ञापन सौंपा।
शिवाजी विश्वविद्यालय के खेल विभाग की ओर से जनवरी या फरवरी 2027 में अश्वमेध 2026 खेल महोत्सव आयोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं। इस महोत्सव में पूरे महाराष्ट्र से चार से पांच हजार विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है। इसके आयोजन पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। युवासेना और शिवसेना के पदाधिकारियों ने इस प्रस्तावित खर्च पर सवाल उठाते हुए महोत्सव को रद्द करने की मांग की है।
पदाधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने 7 अक्टूबर 2026 को अश्वमेध खेल महोत्सव योजना बंद करने संबंधी शासन निर्णय जारी किया था। इसके साथ ही इस योजना के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता भी बंद कर दी गई है। इसके बावजूद शिवाजी विश्वविद्यालय में महोत्सव के आयोजन की तैयारियां जारी रहने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया।
पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि जनवरी-फरवरी के दौरान क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत का संकट पैदा हो सकता है। ऐसे हालात में करोड़ों रुपये खर्च कर खेल महोत्सव आयोजित करने के पीछे आखिर क्या उद्देश्य है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस खर्च के माध्यम से किसी को कमीशन दिलाने का प्रयास किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि सूखे की पृष्ठभूमि में सार्वजनिक निधि की बर्बादी रोकने के लिए अश्वमेध खेल महोत्सव रद्द किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रस्तावित निधि का कुछ हिस्सा कोल्हापुर संस्थान के राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के स्मारक निर्माण में लगाया जाना चाहिए। पदाधिकारियों के अनुसार, शाहू महाराज के स्मारक से हजारों विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी।
इस मांग को लेकर सौंपे गए ज्ञापन पर कुलगुरु ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर युवासेना जिला प्रमुख तथा शिवसेना शहर प्रमुख मंजित माने, शहर समन्वयक अक्षय घाटगे, शुभम पाटील, सचिव अभिषेक दाभाडे, तालुका प्रमुख योगेश लोहार, उपशहर प्रमुख कनिष्क शिंदे, अक्षय मोरे, डॉ. चिन्मय बोकील, आदित्य हुलजी और विश्वविद्यालय शाखा प्रमुख राजवर्धन झाबरे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
फोटो : शिवाजी विश्वविद्यालय में अश्वमेध खेल महोत्सव रद्द कर उसकी निधि राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के स्मारक निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की मांग का ज्ञापन कुलगुरु को सौंपते युवासेना और शिवसेना के पदाधिकारी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
