महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में रानभाजियों की प्रदर्शनी और पाककला प्रतियोगिता को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। लोकनेते स्वर्गीय सांसद सदाशिवराव मंडलिक की जयंती के अवसर पर पर्यावरण संसाधन केंद्र यानी ग्रीन क्लब की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों की 27 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड की अंकिता एकनाथ पाटील ने प्रथम स्थान हासिल किया।

कार्यक्रम में कोल्हापुर के पर्यावरण अध्ययनकर्ता एवं निसर्ग मित्र परिवार के प्रा. अनिल चौगुले ने रानभाजियों के स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से इन्हें अपने दैनिक आहार में शामिल करने की अपील की। उन्होंने प्रकृति में आसानी से उपलब्ध होने वाली इन सब्जियों को पौष्टिक आहार का महत्वपूर्ण स्रोत बताया।

विद्यार्थियों को रानभाजियों का महत्व समझाने और पारंपरिक खाद्य संस्कृति का संरक्षण करने के उद्देश्य से इस प्रदर्शनी एवं पाककला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मुरगूड नगरपालिका की उपनगराध्यक्ष रेखाताई मांगले ने किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास समिति की गीतांजली आंगज, नगरसेविका संगीता लोकरे और प्रा. डॉ. एम. एस. पाटील सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में समन्वयक प्रा. दादासाहेब सरदेसाई ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रस्तावना प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों को रानभाजियों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।

प्रदर्शनी में तोंडली, पाथरी, कांगुणी, टाकळा, अंबाडा, हरा माठ, आघाडा, तुलसी और उंदराच्या कानाची भाजी सहित विभिन्न प्रकार की रानभाजियों से तैयार खाद्य पदार्थ प्रदर्शित किए गए। इनमें आळूवडी, ठेचा और विभिन्न पारंपरिक सब्जियों से बने व्यंजनों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। विद्यार्थियों ने इन खाद्य पदार्थों के माध्यम से पारंपरिक पाककला और रानभाजियों के उपयोग को प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड की अंकिता एकनाथ पाटील ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। देवचंद महाविद्यालय, अर्जुननगर की समीक्षा संजय लोहार दूसरे स्थान पर रहीं। सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड की प्राची रवींद्र मांगले और चंदना आबाजी भराडे ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, कडगांव स्थित श्री आनंदराव आंबिटकर कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय की सुप्रिया संजय नालंग और ज्योती उत्तम घाटगे को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।

प्रतियोगिता का परीक्षण प्रवीण सूर्यवंशी, योगिनी शेटे और अश्विनी सुतार ने किया। प्रा. डॉ. सोनाली कुंभार और प्रा. अर्चना कांबळे ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि प्रा. विनोदकुमार प्रधान ने आभार व्यक्त किया।

विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से आयोजित इस कार्यक्रम में रानभाजियों के पोषण संबंधी महत्व, पौष्टिक आहार और पारंपरिक खाद्य संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थों का परीक्षण किया और उनका स्वाद भी लिया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

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ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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