महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के मुरगूड में मेडिकल व्यवसायी मोहन महादेव ढेरे का डेंगू के कारण निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे और मूल रूप से कागल तहसील के शिंदेवाड़ी के निवासी थे। उनके आकस्मिक निधन से मुरगूड सहित आसपास के क्षेत्रों के मेडिकल व्यवसायियों में शोक की लहर है। उनके परिवार ने उनके निधन की जानकारी दी।

मोहन ढेरे को मंगलवार सुबह से कमजोरी और बुखार की शिकायत होने लगी थी। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल कोल्हापुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। हालांकि, उपचार जारी रहने के दौरान ही बुधवार दोपहर उनकी मृत्यु हो गई।

मोहन महादेव ढेरे मुरगूड स्थित श्रद्धा और ओम मेडिकल स्टोर के मालिक थे। इसके साथ ही वह कोल्हापुर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सहसचिव पद पर कार्यरत थे। मेडिकल व्यवसाय से जुड़े होने के कारण जिले के अनेक मेडिकल व्यवसायियों के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे।

हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सभी के साथ आत्मीयता से पेश आना उनकी प्रमुख विशेषताएं थीं। मेडिकल एसोसिएशन के माध्यम से जिले के कई मेडिकल व्यवसायियों के साथ उनके करीबी संबंध बने हुए थे। उनके अचानक निधन की खबर से मेडिकल व्यवसायी समुदाय में गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है।

मोहन ढेरे अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, एक बेटा, दो बेटियां, भाई और भाभी सहित परिवार छोड़ गए हैं।

उनका रक्षाविसर्जन शुक्रवार, 15 अक्टूबर को सुबह 9 बजे शिंदेवाड़ी, तहसील कागल में होगा। मोहन ढेरे के निधन से मुरगूड के मेडिकल व्यवसाय जगत में शोक का माहौल है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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