मुरगूड के सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में वाचन प्रेरणा दिवस पर ग्रंथ प्रदर्शनी, पुस्तक समीक्षा से विद्यार्थियों ने बताया पुस्तकों का महत्व
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर ग्रंथ प्रदर्शनी आयोजित, पूर्व प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुंभार और प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने दिए प्रेरक संदेश।

कोल्हापुर के सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय स्थित महात्मा फुले ग्रंथालय में आयोजित ग्रंथ प्रदर्शनी का अवलोकन करते पूर्व प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुंभार, प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे और अन्य प्राध्यापक।
कोल्हापुर के मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में भारतरत्न डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर वाचन प्रेरणा दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। महाविद्यालय के महात्मा फुले ग्रंथालय की ओर से आयोजित ग्रंथ प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुंभार के हाथों हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत कर पुस्तकों के महत्व और वाचन संस्कृति की आवश्यकता को रेखांकित किया।
ग्रंथ प्रदर्शनी में डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का साहित्य, महान व्यक्तित्वों की जीवनियां और आत्मकथाएं, मराठी, हिंदी तथा अंग्रेजी भाषाओं के महत्वपूर्ण ग्रंथ, दुर्लभ पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी साहित्य और प्राध्यापकों की प्रकाशित पुस्तकें प्रदर्शित की गईं।
पूर्व प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुंभार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मानव जीवन में पुस्तकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए Dream, Desire, Discipline और Dedication यानी चार ‘D’ के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भारतीय विचार परंपरा के माध्यम से वैश्विक दृष्टिकोण की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि वैश्वीकरण की विचारधारा की जड़ें भारतीय संस्कृति में हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य के मन में प्रश्न उठने चाहिए, क्योंकि प्रश्नों से ही उत्तरों की खोज शुरू होती है। पुस्तकें हमें सिखाते हुए कभी नहीं थकतीं, यह प्रेरणादायी विचार भी उन्होंने व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने विद्यार्थियों से विज्ञाननिष्ठ दृष्टिकोण अपनाकर जीवन जीने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने और वाचन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। उन्होंने वाचन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्कूलों, महाविद्यालयों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों से मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
‘वंदे मातरम्’ गीत की 150 वर्ष की यात्रा के अवसर पर मिलिंद सबनीस द्वारा लिखित और सा. विवेक द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘समग्र वंदे मातरम् – खंड एक : इतिहास’ की सामग्री का वाचन किया गया। विद्यार्थिनी सानिका दाभोले, मधुरा सुतार और सुरुचि घाटगे ने पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत की और वाचन प्रेरणा दिवस के आयोजन में सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रस्तावना प्रा. मनीषा पाटील ने किया। संचालन प्रा. राम पाटील ने किया, जबकि आभार ग्रंथालय परिचर साताप्पा कांबले ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रा. डॉ. माणिक पाटील, प्रा. डॉ. सुखदेव एकल, प्रा. डॉ. अशोक पाटील, प्रा. राकेश माने और ग्रंथालय परिचर सदाशिव गिरीबुवा ने सहयोग किया।
इस अवसर पर स्टाफ सेक्रेटरी प्रा. दादासाहेब सरदेसाई, एनसीसी विभागाध्यक्ष लेफ्टिनेंट विनोदकुमार प्रधान, प्रा. पी. एस. पाटील सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। ग्रंथ प्रदर्शनी और पुस्तक समीक्षा के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पुस्तकों, ज्ञान और वाचन संस्कृति के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया।
फोटो: सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के महात्मा फुले ग्रंथालय की ओर से आयोजित वाचन प्रेरणा दिवस की ग्रंथ प्रदर्शनी का उद्घाटन करते पूर्व प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुंभार। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे, प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
