कागल को भी सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तेज, मंत्री हसन मुश्रीफ ने बावनकुले से की अपील
कोल्हापुर के कागल तालुका में बारिश की कमी से फसलें बर्बाद और पानी व चारे का संकट गहराया है। मंत्री हसन मुश्रीफ ने चंद्रशेखर बावनकुले से तालुका को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को मुआवजा और राहत देने की मांग की है।

मुंबई में मंत्री हसन मुश्रीफ ने राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तालुका में बारिश की कमी के कारण खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में सूखे जैसी गंभीर स्थिति बनने के बाद अब कागल को भी सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग उठी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से कागल तालुका को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की जोरदार मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुंबई में राजस्व मंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात कर मांग का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि कोल्हापुर जिले के राधानगरी, भुदरगढ़, आजरा, चंदगढ़, पन्हाला और गगनबावड़ा सहित छह तालुकों में सूखे जैसी स्थिति के चलते सूखा घोषित किया जा चुका है। हालांकि, कागल तालुका में भी इन छह तालुकों के समान ही गंभीर सूखाग्रस्त परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। बारिश की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखकर बर्बाद हो गई हैं। इसके साथ ही पीने के पानी और पशुओं के चारे की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है।
प्राकृतिक संकट के कारण कागल तालुका के किसान आर्थिक परेशानी में घिर गए हैं। ऐसे में किसानों को तत्काल राहत देना जरूरी है। मंत्री हसन मुश्रीफ ने मांग की है कि कागल तालुका को सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल किया जाए और किसानों को तत्काल सरकारी सहायता, फसल नुकसान का मुआवजा, कर्ज वसूली पर रोक सहित अन्य आवश्यक रियायतें दी जाएं।
इस मांग पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सकारात्मक विचार करते हुए जल्द ही उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेश पाटील सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुंबई में मंत्री हसन मुश्रीफ की ओर से सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद कागल तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करने और प्रभावित किसानों को सरकारी राहत एवं आवश्यक रियायतें मिलने को लेकर प्रशासनिक निर्णय महत्वपूर्ण होगा।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
