कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (गोकुल) के चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विधायक डॉ. विनय कोरे ने विपक्ष पर श्रेय लेने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरों के हर काम का श्रेय लेने की उसकी प्रवृत्ति और अहंकार को इस बार सभासद ही तोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता में अहंकार से अधिक विनम्रता का महत्व होता है और इस चुनाव में विपक्ष को इसका सबक मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि शाहूवाड़ी और पन्हाला का गढ़ अभेद्य है तथा आगामी दशहरे पर जीत का तोरण फहराया जाएगा।

गोकुल दुग्ध संघ के चुनाव में महायुति की छत्रपति शाहू शेतकरी विकास आघाड़ी के प्रचार के लिए पन्हाला, गगनबावड़ा और शाहूवाड़ी तालुकों के प्रस्तावक सदस्यों का सम्मेलन कोतोली फाटा स्थित लक्ष्मी पैलेस हॉल में आयोजित किया गया। इस दौरान सांसद धनंजय महाडिक, विधायक चंद्रदीप नरके, विधायक डॉ. विनय कोरे और गोकुल के वरिष्ठ नेता अरुण नरके उपस्थित रहे।

विधायक चंद्रदीप नरके ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के सभी प्रस्तावक सदस्य एकजुट होकर छत्रपति शाहू शेतकरी विकास आघाड़ी के साथ खड़े हैं। इसी कारण विपक्षी नेता बेतुके बयान देकर भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देकर चुनाव नहीं जीता जा सकता, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए प्रयास भी करने पड़ते हैं। उनके अनुसार, विपक्ष केवल बयानबाजी तक सीमित है, इसलिए महायुति की आघाड़ी की जीत निश्चित है।

गोकुल के वरिष्ठ नेता अरुण नरके ने कहा कि गोकुल दुग्ध संघ आम दूध उत्पादकों की संस्था है, लेकिन इसे राजनीतिक गतिविधियों का अड्डा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि गोकुल का इस्तेमाल अपने राजनीतिक स्वार्थ को पूरा करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

सांसद धनंजय महाडिक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अपने चीनी कारखाने में सभासदों की संख्या कम करके कारखाने को निजी बनाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों को अब गोकुल के सभासदों के प्रति अचानक चिंता क्यों होने लगी है। महाडिक ने कहा कि हर चुनाव में ‘फेक नैरेटिव’ फैलाकर राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास करने वाले विपक्ष को इस बार प्रस्तावक सदस्य उसकी वास्तविक स्थिति का एहसास करा देंगे।

महाडिक ने छत्रपति शाहू शेतकरी विकास आघाड़ी की 25-0 से जीत होने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में प्रस्तावक सदस्यों की बड़ी संख्या में मौजूदगी जीत का संकेत देती है।

इस सम्मेलन में पूर्व सांसद संजय मंडलिक, विधायक संजयबाबा घाटगे, विधायक राजेश पाटील, डॉ. सुजित मिणचेकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील आसुर्लेकर, छत्रपति शाहू शेतकरी विकास आघाड़ी के उम्मीदवार और विभिन्न तालुकों के प्रस्तावक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गोकुल चुनाव से पहले आयोजित इस सम्मेलन में महायुति के नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए विपक्ष की श्रेय लेने की राजनीति और ‘फेक नैरेटिव’ पर सवाल उठाए।

फोटो विवरण: कोतोली में गोकुल दुग्ध संघ चुनाव के तहत महायुति की छत्रपति शाहू शेतकरी विकास आघाड़ी के प्रचार के लिए आयोजित प्रस्तावक सदस्यों के सम्मेलन में मार्गदर्शन करते विधायक डॉ. विनय कोरे। इस दौरान विधायक चंद्रदीप नरके, अरुणराव नरके और प्रस्तावक सदस्य उपस्थित थे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

Next Story