गडहिंग्लज को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तेज, मंत्री हसन मुश्रीफ ने बावनकुले को सौंपा ज्ञापन
कोल्हापुर के गडहिंग्लज तालुका में कम बारिश, पेयजल संकट और फसल नुकसान से किसान परेशान हैं। सूखाग्रस्त सूची से बाहर रखे जाने पर आंदोलन तेज हो गया है। मंत्री हसन मुश्रीफ और पूर्व विधायक राजेश पाटील ने सरकार से तत्काल राहत की मांग की है।

मुंबई में मंत्री हसन मुश्रीफ ने गडहिंग्लज को सूखाग्रस्त घोषित करने का ज्ञापन सौंपा।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के गडहिंग्लज तालुका को सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ और पूर्व विधायक राजेश पाटील ने तालुका में गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए इसे तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने और राहत उपाय लागू करने की मांग की है। इस संबंध में दोनों नेताओं ने मुंबई में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया है कि गडहिंग्लज तालुका पिछले कई महीनों से भीषण सूखे का सामना कर रहा है। बेहद कम बारिश, पेयजल की कमी, पशुओं के चारे की समस्या और फसलों को हुए बड़े पैमाने पर नुकसान के कारण किसान आर्थिक संकट में हैं। ऐसी स्थिति में तालुका को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को तत्काल राहत देना जरूरी है।
ज्ञापन के अनुसार, कोल्हापुर जिले के अन्य दो तालुकों को हाल ही में सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया गया है, जबकि गडहिंग्लज को इससे बाहर रखा गया है। इस फैसले के विरोध में तालुका के सर्वदलीय किसान, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, दसरा चौक पर पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया है।
आंदोलन के तहत किसानों ने सड़क पर चूल्हे जलाकर भाकरी बनाई, बैलों की जोड़ियों को सड़क पर बांधा और शहर में घोड़ागाड़ी रैली निकाली। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने रैलियां निकालीं। साप्ताहिक बाजार में 'भीख मांगो' आंदोलन भी किया गया। ज्ञापन में इन सभी विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए आंदोलन की गंभीरता से राजस्व मंत्री को अवगत कराया गया।
मंत्री हसन मुश्रीफ और पूर्व विधायक राजेश पाटील ने गडहिंग्लज को तत्काल सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल करने, तालुका की सभी सरकारी मशीनरियों को सूखा राहत उपाय लागू करने के निर्देश देने और टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही चारा शिविर स्थापित करने, रोजगार गारंटी योजना के कार्य बढ़ाने तथा किसानों के लिए फसल बीमा, कर्जमाफी और आर्थिक सहायता की तत्काल घोषणा करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
दोनों नेताओं ने तालुका की सूखे की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से तत्काल निर्णय लेने और प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने की अपेक्षा जताई है। गडहिंग्लज को सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच अब सरकार के फैसले पर किसानों की नजरें टिकी हैं।
फोटो कैप्शन : मुंबई में मंत्री हसन मुश्रीफ और पूर्व विधायक राजेश पाटील ने गडहिंग्लज तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को ज्ञापन सौंपा।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
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ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
