अमृता पुजारी ने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह
महाराष्ट्र की डबल महाराष्ट्र केसरी अमृता पुजारी ने लास वेगास में जारी अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है।

तस्वीर में दिख रही पहलवान अमृता पुजारी लास वेगास में आयोजित अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
अमेरिका के लास वेगास में जारी अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महाराष्ट्र की पहलवान और डबल महाराष्ट्र केसरी अमृता पुजारी ने फाइनल में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुरगूड स्थित लोकनेते सदाशिवराव मंडलिक राष्ट्रीय (SAI) कुश्ती संकुल की इस पहलवान की सफलता से मंडलिक कुश्ती संकुल का गौरव बढ़ा है और महाराष्ट्र के खेल जगत में खुशी की लहर है।
शारदीय नवरात्रोत्सव की पांचवीं माला के शुभ अवसर पर अमृता की इस उपलब्धि को महाराष्ट्र के कुश्ती प्रेमियों के लिए गर्व और खुशी का क्षण माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कुश्ती का दम दिखाने के बाद अब उन्होंने विश्व स्तर पर भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया है।
कठोर मेहनत, दृढ़ संकल्प, लगन और लगातार अभ्यास के दम पर अमृता ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में उनके प्रवेश से मुरगूड सहित पूरे महाराष्ट्र के खेल प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब फाइनल मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व मंच पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराने की उम्मीद जताई जा रही है।
अमृता की इस सफलता पर पूर्व सांसद संजयदादा मंडलिक और कुश्ती संकुल के कार्याध्यक्ष एडवोकेट वीरेंद्र भैय्या मंडलिक ने उन्हें बधाई दी और फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमृता के गले में स्वर्ण पदक सजे और इस वर्ष का नवरात्रोत्सव उनकी स्वर्णिम जीत से और भी यादगार बने।
अमृता पुजारी के फाइनल मुकाबले पर अब पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हैं। उनकी संभावित स्वर्णिम सफलता को लेकर कुश्ती प्रेमियों की ओर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं। मुरगूड के मंडलिक कुश्ती संकुल की इस पहलवान का फाइनल में पहुंचना महाराष्ट्र की कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
