कोल्हापुर जिले के श्री क्षेत्र आदमापुर में सद्गुरु बाळूमामा के 134वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य रक्तदान शिविर में 325 लोगों ने रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। अर्पण ब्लड बैंक और बाळूमामा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर को रक्तदाताओं का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। बाळूमामा फाउंडेशन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस सेवा अभियान के माध्यम से मानव सेवा का संदेश दिया गया।

बाळूमामा देवालय के सामने आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन देवालय के ट्रस्टी भिकाजी शिनगारे और विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाली साई कुश्ती संकुल, मुरगूड की पहलवान अमृता पुजारी ने किया। इस अवसर पर विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाली पहलवान अमृता पुजारी और उनके प्रशिक्षक, अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच दादासो लवटे का बाळूमामा फाउंडेशन की ओर से भव्य सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अमृता पुजारी के माता-पिता भी उपस्थित रहे।

शिविर के माध्यम से रक्तदान के महत्व को रेखांकित किया गया। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए ऐसे शिविरों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। सद्गुरु बाळूमामा के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस पहल में श्रद्धालुओं और रक्तदाताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आशीर्वाद स्वरूप कंबल भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच एम. डी. पाटील ने की। इस अवसर पर नामदेव पाटील, विकास पाटील, प्रकाश खापरे, युवराज पाटील, सागर पाटील, आकाश पाटील, आनंदा पाटील, अमेय पाटील, दगडू पाटील और मारुति पाटील सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक बाळूमामा फाउंडेशन के अध्यक्ष विजयराव गुरव ने किया। सत्यजित गुरव ने संचालन किया, जबकि श्रीरंग पाटील ने आभार व्यक्त किए। सद्गुरु बाळूमामा के 134वें जन्मोत्सव पर आयोजित इस रक्तदान शिविर में 325 लोगों की भागीदारी ने फाउंडेशन के रजत जयंती वर्ष के सेवा अभियान को विशेष स्वरूप दिया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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